*असिस्टेंट के रूप में करें एआई का प्रयोग, गुरु के रूप में नहीं : नितिन पाण्डेय*
*एमजीपीजी कॉलेज में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर विशेष व्याख्यान आयोजित*
*गोरखपुर।* महात्मा गांधी पी.जी. कॉलेज में बीसीए एवं कंप्यूटर एप्लीकेशन विभाग के संयुक्त तत्वावधान तथा स्टार कॉलेज योजना के अंतर्गत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) विषय पर एक महत्वपूर्ण व्याख्यान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक, डिजिटल नवाचार और एआई के बढ़ते प्रभाव से अवगत कराना रहा।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता नितिन पाण्डेय (फाउंडर, मैनेजिंग डायरेक्टर एवं सीटीओ, नॉट वेंचर प्राइवेट लिमिटेड) ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस शिक्षा, उद्योग, व्यवसाय और शोध के क्षेत्र में तेजी से बदलाव ला रहा है। उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि एआई को असिस्टेंट के रूप में प्रयोग करें, गुरु के रूप में नहीं। एआई मानव की क्षमता को बढ़ाने का माध्यम है, न कि उसकी सोच और रचनात्मकता का विकल्प।
उन्होंने बताया कि एआई से बेहतर परिणाम प्राप्त करने के लिए सही प्रश्न और स्पष्ट कमांड देना अत्यंत आवश्यक है। यदि विद्यार्थी एआई टूल्स का उपयोग शोध, प्रोजेक्ट निर्माण, डेटा विश्लेषण, प्रोग्रामिंग तथा नवाचार के लिए सही तरीके से करें, तो यह उनके करियर को नई दिशा दे सकता है। साथ ही उन्होंने एआई आधारित रोजगार संभावनाओं और स्टार्टअप अवसरों पर भी विस्तार से प्रकाश डाला।
महाविद्यालय के प्रबंधक मंकेश्वर नाथ पाण्डेय ने कहा कि नई तकनीकों को समझना समय की आवश्यकता है। उन्होंने विद्यार्थियों को चैट जीपीटी सहित अन्य एआई प्लेटफॉर्म का जिम्मेदारीपूर्वक एवं रचनात्मक उपयोग करने के लिए प्रेरित किया तथा तकनीक के साथ नैतिक मूल्यों को बनाए रखने पर जोर दिया।
वनस्पति विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. अवनीश ने मुख्य अतिथि नितिन पाण्डेय के व्यक्तित्व एवं तकनीकी अनुभव पर प्रकाश डालते हुए छात्रों को उनसे प्रेरणा लेने का आह्वान किया।
कार्यवाहक प्राचार्य प्रो. उमेश गुप्ता ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आने वाले समय की सबसे प्रभावशाली तकनीक है, जो शिक्षा व्यवस्था को अधिक स्मार्ट और प्रभावी बना रही है। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम का संचालन बीसीए विभाग की इंचार्ज दीपा चौहान ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में अमोद कुमार श्रीवास्तव, एकता श्रीवास्तव एवं योगेश गुप्ता सहित अन्य शिक्षकों का विशेष योगदान रहा। बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने कार्यक्रम में सहभागिता कर एआई से जुड़े प्रश्न पूछे और महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की।
