विश्व मलेरिया दिवस (25 अप्रैल 2026) आज
समय से पहचान और इलाज से ठीक हो जाता है मलेरिया
छह वर्षों में 13.4 लाख लोगों की जांच में मिले 112 मलेरिया रोगी हुए स्वस्थ
एकत्रित हुए पानी की साफ सफाई और मच्छरों से बचाव के उपाय में सामुदायिक सहयोग जरूरी
गोरखपुर, 25 अप्रैल 2026
लक्षण दिखने पर शीघ्र जांच और इलाज से मलेरिया 03 से 14 दिन में पूरी तरह से ठीक हो जाता है । जिले में वर्ष 2018 से लेकर 24 अप्रैल 2026 तक की अवधि में करीब 13.4 लाख लोगों की मलेरिया की जांच करवायी गयी, जिनमें से 112 लोग इस बीमारी से पीड़ित मिले। सभी का इलाज किया गया और सभी पूर्णतः स्वस्थ हो गये। शीघ्र हस्तक्षेप के कारण इस अवधि में इस बीमारी के कारण कोई मौत रिपोर्ट नहीं हुई । यह जानकारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ राजेश झा ने दी। उन्होंने बताया कि घर के बाहर और भीतर एकत्रित हुए पानी की साफ सफाई और मच्छरों से बचाव के उपाय में विभागीय प्रयासों के साथ साथ सामुदायिक सहयोग आवश्यक है। इसे बढ़ाने के उद्देश्य से ही प्रति वर्ष 25 अप्रैल को विश्व मलेरिया दिवस मनाया जाता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इस वर्ष के दिवस की थीम रखी है-‘‘मलेरिया को समाप्त करने का दृढ संकल्प, अब हम कर सकते है, अब हमें करना ही होगा।’’
जिला मलेरिया अधिकारी ने बताया कि वर्ष 2030 तक प्रदेश में भी मलेरिया का उन्मूलन करना है और इस कार्य के लिए समुदाय की भागीदारी बढ़ाने पर जोर है । लोगों को ‘‘हर रविवार, मच्छर पर वार’’ के नारे को साकार करना होगा और इस दिन घर के आसपास एकत्रित पानी को साफ करना पड़ेगा। कूलर और अन्य पात्रों के पानी की भी साफ सफाई जरूरी है। इस बीमारी का मच्छर साफ पानी में एकत्रित होता है और सुबह शाम काटता है । बारिश का मौसम शुरू होने से पहले पानी के टैंक, गमले, पशु पक्षियों के पीने के पानी के पात्र, नारियल के खोल और बोतल जैसी सामग्री में पानी को इकट्ठा होने से रोकने के लिए उपाय करने हैं या फिर निष्प्रयोज्य सामग्री को नष्ट कर देना है ।
जिला मलेरिया अधिकारी अंगद सिंह ने एकेडेमिक ग्लोबल स्कूल में बताया कि संक्रमित मादा एनाफिलिज मच्छर के काटने से यह बीमारी होती है । मच्छर के काटने के तेरहवें से चौदहवें दिन में इसके लक्षण आते हैं। नियमित अंतराल पर तेज बुखार के साथ ठंड लगना, कमजोरी, पसीना होना, बार बार उल्टी होना, पेशाब में जलन, मूत्र का कम आना, लाल मूत्र आना और खाना खाने में असमर्थता इस बीमारी के प्रमुख लक्षण हैं। इसके रैपिड डॉयग्नोस्टिक टेस्ट (आरडीटी) की सुविधा आशा कार्यकर्ता से लेकर उच्च चिकित्सा संस्थानों तक में उपलब्ध है । स्लाइड से जांच की व्यवस्था सभी सरकारी अस्पतालों में मौजूद है और इसकी सभी दवाएं भी वहां उपलब्ध है। इस अवसर पर श्री प्रभात रंजन सिंह, सहायक मलेरिया अधिकारी एवं श्री आस्तिक पाण्डेय, मलेरिया निरीक्षक उपस्थित थे। समस्त सामु0/प्रा0स्वा0 केन्द्रों पर अन्य विभागों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए दस्तक अभियान के दौरान लोगों को मलेरिया व अन्य मच्छर जनित रोगों के विषय में जागरूक किया गया।
