गोरखपुर। शिक्षा मित्र पद पर कार्य करने के बाद सहायक अध्यापक बने समायोजित शिक्षकों की पुरानी पेंशन की मांग को लेकर सोमवार को संयुक्त समायोजित शिक्षक संघ के बैनर तले विनायक रिजॉर्ट के सभागार में मंडलीय शैक्षिक उन्नयन संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) देवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि माध्यमिक शिक्षा विभाग के विषय विशेषज्ञों के पुरानी पेंशन संबंधी मामले का समाधान समायोजित शिक्षकों के लिए भी पुरानी पेंशन मिलने की दिशा में मजबूत आधार बनेगा।
उन्होंने कहा कि पेंशन कोई भीख नहीं, बल्कि कर्मचारियों का संवैधानिक और नैतिक अधिकार है। सरकार शिक्षकों के हितों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है और उनकी न्यायोचित मांगों के समाधान के लिए गंभीरता से कार्य कर रही है।
संगोष्ठी के दौरान संघ के प्रदेश अध्यक्ष अरुण कुमार सिंह एवं राजीव सिंह ने उत्तर प्रदेश रिटायरमेंट बेनिफिट रूल्स, 1961 के उपनियम 3(8) का हवाला देते हुए मुख्य अतिथि के समक्ष समायोजित शिक्षकों की पुरानी पेंशन का पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि माध्यमिक शिक्षा विभाग में संविदा पर नियुक्त विषय विशेषज्ञों को वर्ष 2007 में नियमित किए जाने के बाद पुरानी पेंशन का लाभ दिए जाने का मामला समायोजित शिक्षकों के लिए भी महत्वपूर्ण आधार बन सकता है। इस पर एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह ने आश्वस्त किया कि विषय विशेषज्ञों के मामले का सकारात्मक समाधान समायोजित शिक्षकों के लिए भी पुरानी पेंशन बहाली का मार्ग प्रशस्त करेगा।
एमएलसी ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार लगातार शिक्षकों के कल्याण के लिए निर्णय ले रही है। उन्होंने बताया कि हाल ही में शिक्षकों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई है तथा भारतीय स्टेट बैंक के साथ वेतन खाता पैकेज के तहत व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा एवं ग्रुप टर्म इंश्योरेंस की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए एमओयू किया गया है। इसके अलावा कार्यरत शिक्षकों की सेवा सुरक्षा के लिए विभागीय टीईटी कराने की दिशा में भी सरकार सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ रही है।
इससे पूर्व कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर किया। संयुक्त समायोजित शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने पुष्पगुच्छ एवं माल्यार्पण कर उनका भव्य स्वागत किया। संगोष्ठी में शिक्षा की गुणवत्ता, शिक्षकों के व्यावसायिक विकास, सेवा सुरक्षा तथा पुरानी पेंशन बहाली सहित विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
प्रदेश अध्यक्ष अरुण कुमार सिंह ने कहा कि संगठन समायोजित शिक्षकों के अधिकारों की रक्षा के लिए लगातार संघर्ष कर रहा है। उन्होंने सभी शिक्षकों से संगठन की एकजुटता बनाए रखने और पुरानी पेंशन बहाली के आंदोलन को मजबूती प्रदान करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में गुरुचरण, आशीष श्रीवास्तव, पवन कुमार सिंह, जगवीर भाटी, संतोष पाण्डेय, भूपेंद्र सिंह, शैलेन्द्र शुक्ल, रमेश मणि त्रिपाठी,पंकज पांडेय ,कमलाकर सिंह, उमानाथ चौरसिया, गिरिजा शंकर शुक्ल, रामराज चौधरी, शिवनाथ चौधरी सहित प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए सैकड़ों समायोजित शिक्षक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का सफल संचालन गोरखपुर मंडल अध्यक्ष रमेश मणि त्रिपाठी ने किया। अंत में शिक्षकों ने पुरानी पेंशन बहाली सहित अपने अधिकारों की प्राप्ति के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।

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