गोरखपुर lराज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद, गोरखपुर का एक प्रतिनिधिमंडल आज अध्यक्ष रूपेश श्रीवास्तव की अगुआई में गोरखनाथ मंदिर पहुंचा और मंदिर के सचिव श्री द्वारका तिवारी से भेंट कर माननीय मुख्यमंत्री जी को संबोधित दो महत्वपूर्ण ज्ञापन सौंपे। प्रतिनिधिमंडल ने कर्मचारियों, पेंशनरों और उनके आश्रितों से जुड़ी समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग करते हुए कहा कि लंबे समय से लंबित इन मुद्दों पर सरकार को संवेदनशीलता के साथ निर्णय लेना चाहिए। परिषद के महामंत्री मदन मुरारी शुक्ल ने बताया कि प्रथम ज्ञापन में प्रदेश के कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन व्यवस्था पुनः बहाल करने की मांग की गई है। उन्होंने कहा कि पुरानी पेंशन व्यवस्था कर्मचारियों के सामाजिक और आर्थिक भविष्य की सुरक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। वर्तमान पेंशन व्यवस्था के कारण सेवानिवृत्त कर्मचारियों में भविष्य को लेकर असुरक्षा की भावना बनी हुई है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जी जब गोरखपुर के सांसद थे, तब भी परिषद के अनुरोध पर उन्होंने तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह को पुरानी पेंशन बहाली के संबंध में पत्र लिखा था। कर्मचारी समाज को विश्वास है कि मुख्यमंत्री जी इस विषय पर संवेदनशीलता के साथ विचार करते हुए कर्मचारियों के हित में सकारात्मक निर्णय करेंगे।
उन्होंने बताया कि दूसरे ज्ञापन में कर्मचारियों, पेंशनरों एवं उनके आश्रितों की 10 सूत्रीय मांगों को प्रमुखता से उठाया गया है। परिषद का कहना है कि प्रदेश में बड़ी संख्या में कर्मचारी और पेंशनर स्वास्थ्य, भर्ती, सेवा शर्तों तथा पेंशन से संबंधित समस्याओं का सामना कर रहे हैं। इन समस्याओं के समाधान के लिए सरकार द्वारा स्पष्ट और प्रभावी नीति बनाए जाने की आवश्यकता है।
ज्ञापन में कैशलेस चिकित्सा व्यवस्था को सरल, पारदर्शी एवं प्रभावी बनाने, इसमें ओपीडी और सभी आवश्यक जांचों को शामिल करने तथा सूचीबद्ध अस्पतालों को समय से भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की गई है। परिषद ने गंभीर बीमारियों के उपचार में वर्तमान पांच लाख रुपये की सीमा को बढ़ाकर सम्पूर्ण उपचार का खर्च वहन करने की मांग भी रखी है, ताकि कर्मचारी और पेंशनर आर्थिक कठिनाइयों के कारण बेहतर इलाज से वंचित न हों।
इसके साथ ही एनपीएस के अंतर्गत आने वाले पेंशनरों को भी नियमित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने, प्रदेश के विभिन्न विभागों में रिक्त पदों पर शीघ्र नियमित भर्ती करने तथा आउटसोर्सिंग एवं संविदा भर्ती व्यवस्था को समाप्त कर स्थायी नियुक्तियों को प्राथमिकता देने की मांग की गई है। परिषद ने कहा कि लंबे समय तक संविदा और आउटसोर्सिंग पर कार्य करने वाले कर्मचारियों को सेवा सुरक्षा, समान कार्य के लिए समान वेतन और भविष्य की स्पष्ट व्यवस्था मिलनी चाहिए।
परिषद ने कर्मचारियों की पदोन्नति, सेवा संबंधी लंबित प्रकरणों के निस्तारण, पेंशनरों की समस्याओं के समाधान तथा विभागीय स्तर पर कर्मचारियों के साथ नियमित संवाद की व्यवस्था किए जाने की भी मांग की। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि कर्मचारियों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान होने से प्रशासनिक कार्यों में दक्षता बढ़ेगी और प्रदेश के विकास कार्यों को भी गति मिलेगी।
परिषद के पदाधिकारियों ने कहा कि कर्मचारी सरकार की योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों को धरातल पर लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में उनके हितों की अनदेखी नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री जी से कर्मचारियों एवं पेंशनरों के हित में सभी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने का अनुरोध किया। प्रतिनिधिमंडल में रुपेश कुमार श्रीवास्तव अशोक पांडे मदन मुरारी शुक्ल राजेश सिंह पंडित श्याम नारायण शुक्ल राजेश मिश्रा अनूप कुमार सौरभ श्रीवास्तव आदि लोग उपस्थित रहे प्रतिनिधिमंडल ने आशा व्यक्त की कि मुख्यमंत्री जी ज्ञापन में उठाए गए मुद्दों का संज्ञान लेते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश देंगे और कर्मचारियों की लंबे समय से लंबित मांगों का समाधान शीघ्र कराया जाएगा।

