
पुरानी पेंशन बहाल कर ऑनलाइन चिकित्सा प्रतिपूर्ति की अनिवार्यता समाप्त करे सरकार:रूपेश
गोरखपुर, । विजयादशमी के अवसर पर राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद, गोरखपुर के पदाधिकारियों ने अध्यक्ष रूपेश कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में बर्डघाट रामलीला मैदान में रावण दहन के साथ नई पेंशन योजना (एनपीएस) तथा ऑनलाइन चिकित्सा प्रतिपूर्ति संबंधी शासनादेश की प्रतियां जलाकर विरोध दर्ज कराया। इस दौरान कर्मचारियों और पेंशनर्स के हितों की रक्षा के लिए पुरानी पेंशन बहाल करने तथा ऑनलाइन चिकित्सा प्रतिपूर्ति की अनिवार्यता समाप्त करने की मांग उठाई गई। परिषद के अध्यक्ष रूपेश कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि कर्मचारियों को एनपीएस और यूपीएस जैसी पेंशन योजनाएं स्वीकार नहीं हैं। कर्मचारियों के भविष्य की वास्तविक सुरक्षा पुरानी पेंशन व्यवस्था में ही निहित है। जीवनभर सरकारी सेवा में योगदान देने वाले कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के बाद सम्मानजनक और आर्थिक रूप से सुरक्षित जीवन मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि पुरानी पेंशन की बहाली कर्मचारियों की प्रमुख मांग है और इसके लिए परिषद का संघर्ष निरंतर जारी रहेगा। एनपीएस की प्रतियां जलाकर कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन बहाली के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की है। परिषद के संरक्षक अशोक पांडेय ने ऑनलाइन चिकित्सा प्रतिपूर्ति की अनिवार्यता पर गंभीर आपत्ति जताते हुए कहा कि सरकार का यह निर्णय व्यावहारिक कठिनाइयों को नजरअंदाज करके लिया गया है। विशेष रूप से सेवानिवृत्त कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए यह व्यवस्था अत्यंत कष्टकारी साबित हो सकती है। उन्होंने कहा कि जो पेंशनर गंभीर रूप से बीमार है और बिस्तर पर पड़ा है, वह स्वयं ऑनलाइन चिकित्सा प्रतिपूर्ति का बिल कैसे जमा करेगा? जिन बुजुर्गों को तकनीकी जानकारी नहीं है, उनके लिए इस प्रक्रिया को पूरा करना और भी कठिन है। उन्होंने सरकार से मांग की कि ऑनलाइन चिकित्सा प्रतिपूर्ति की अनिवार्यता से सेवानिवृत्त कर्मचारियों और पेंशनर्स को तत्काल मुक्त किया जाए। साथ ही, सभी कर्मचारियों को सुविधा प्रदान करने के लिए ऑनलाइन के साथ ऑफलाइन माध्यम से भी चिकित्सा प्रतिपूर्ति के बिल जमा करने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। परिषद के पदाधिकारियों ने कहा कि कर्मचारी और पेंशनर शासन की व्यवस्थाओं के केंद्र में होने चाहिए। किसी भी नियम या प्रक्रिया को लागू करते समय उनकी उम्र, स्वास्थ्य, आर्थिक स्थिति और तकनीकी कठिनाइयों का ध्यान रखना सरकार की जिम्मेदारी है। चिकित्सा प्रतिपूर्ति जैसी जनकल्याणकारी सुविधा को जटिल बनाने के बजाय सरल, सुलभ और पारदर्शी बनाया जाना चाहिए।परिषद ने सरकार से पुरानी पेंशन बहाल करने तथा ऑनलाइन चिकित्सा प्रतिपूर्ति संबंधी शासनादेश को तत्काल वापस लेकर कर्मचारियों और पेंशनर्स के हित में व्यावहारिक व्यवस्था लागू करने की मांग की।
