

इराक के खलील अल-अजीली की पुस्तक ‘संत सौरभ: द पैलेट ऑफ पीस’ का कवर विमोचित
वर्ल्ड रिकॉर्ड साहित्यिक अभियान के 52वें दिन 52वीं पुस्तक का कवर जारी, कला के माध्यम से वैश्विक शांति का संदेश
गोरखपुर भारत/ इराक। मानवता, शांति और विश्वबंधुत्व के विचारों को साहित्य के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाने की अनूठी पहल में एक और महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ गया। वर्ल्ड रिकॉर्ड साहित्यिक अभियान के 52वें दिन इराक के प्रसिद्ध कलाकार, चित्रकार एवं शिक्षाविद खलील अल-अजीली की पुस्तक ‘संत सौरभ: लौहत अल-सलाम – द पैलेट ऑफ पीस’ का कवर इराक में विमोचित किया गया। यह अभियान की 52वीं पुस्तक है।
पुस्तक सौहार्द शिरोमणि संत डॉ. सौरभ पाण्डेय महाराज के जीवन-दर्शन, मानवतावादी विचारों और वैश्विक सद्भाव की अवधारणा पर आधारित है। पुस्तक के शीर्षक का भाव ‘शांति का रंगपट’ है। इसमें कला को विभिन्न धर्मों, संस्कृतियों और समुदायों के बीच संवाद, एकता तथा आपसी समझ का सशक्त माध्यम बताया गया है।
लेखक खलील अल-अजीली इराक के कला एवं शिक्षा जगत से जुड़े हैं। वे चित्रकार और प्लास्टिक आर्ट्स के शिक्षाविद हैं तथा इराक के शिक्षा मंत्रालय में विभागीय प्रबंधक के रूप में कार्यरत हैं। उनकी रचनात्मक दृष्टि में कला केवल सौंदर्य की अभिव्यक्ति नहीं, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और सामाजिक एकता को मजबूत करने का माध्यम भी है।
52 दिनों में 52 पुस्तकों के कवर विमोचन की यह साहित्यिक यात्रा अपने अंतरराष्ट्रीय स्वरूप के कारण विशेष महत्व रखती है। भारत सहित विभिन्न देशों के लेखक संत सौरभ के व्यक्तित्व और विचारों को अपनी भाषा, संस्कृति और साहित्यिक दृष्टिकोण के माध्यम से प्रस्तुत कर रहे हैं। अभियान का उद्देश्य मानवता, करुणा, परस्पर सम्मान और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के मूल्यों को वैश्विक पाठकों तक पहुंचाना है।
इस पहल के माध्यम से साहित्य और कला को जोड़कर विश्व सद्भाव का साझा संदेश प्रसारित करने का प्रयास किया जा रहा है।
पुस्तक का प्रकाशन गीता ज्ञान इंटरनेशनल पब्लिकेशन एवं दिव्य प्रेरक कहानियां ई-पब्लिकेशन सेंटर, भारत द्वारा किया जाएगा।
