*शीश महल दरगाह के सज्जादानशीन सज्जाद अली रहमानी ने किया जायरीनों और अकीदतमंदों से उर्स में शामिल होने का आह्वान*
*यूएनओ के राजदूत, विश्व शांति दूत एवं चिश्ती फाउंडेशन अजमेर शरीफ के चेयरमैन हाजी सैयद सलमान चिश्ती होंगे कार्यक्रम के मुख्य अतिथि*
*मुबारक खां शहीद दरगाह कमेटी के सदर इकरार अहमद कमेटी के पदाधिकारियों के साथ निकलने वाले शानदार चादर व गागर के जुलूस की करेंगे अगुवाई*
गोरखपुर। कौमी एकता के प्रतीक हजरत बाबा मुबारक खां शहीद रहमतुल्लाह अलैह का तीन दिवसीय रिवायती सालाना उर्स दरगाह के सदर इकरार अहमद की कयादत में 25, 26 और 27 अप्रैल से नार्मल स्थित दरगाह पर बड़े ही अकीदत के साथ मनाया जायेगा। उर्स कार्यक्रम के मुख्य अतिथि यूएनओ राजदूत, विश्व शांति दूत एवं चिश्ती फाउंडेशन अजमेर शरीफ के चेयरमैन हाजी सैयद सलमान चिश्ती होंगे। यह जानकारी हज़रत सैयद गाजी मोमिन शीश अली शाह रहमतुल्लाह अलैहे शीश महल दरगाह जाफरा बाजार के गद्दीनशीन सज्जाद अली रहमानी ने दी। उन्होंने कहा कि 26 और अप्रैल को देश के सुप्रसिद्ध कव्वाल सलीम जावेद बैंगलोर और टी सीरीज के फेमस कव्वाल शरीफ परवाज़ कानपुरी अपना नातिया कलाम पेश करेंगे। उर्स के तीसरे दिन 27 को सलीम जावेद और छोटे उस्ताद अजमत आफताब वारसी दिल्ली के बीच नातिया कव्वाली का मुकाबला होगा। रहमानी ने कहा कि उर्स के पहले दिन 25 अप्रैल को दरगाह कमेटी के सदर इकरार अहमद कमेटी के पदाधिकारियों के साथ निकलने वाले शानदार चादर व गागर के जुलूस की अगुवाई करेंगे। उन्होंने कहा कि उर्स में कव्वालियां, हम्द और नात शरीफ उर्स का मुख्य उद्देश्य होगा। रहमानी ने हजरत बाबा मुबारक खां शहीद रहमतुल्लाह अलैह के चाहने वालों से अधिक से अधिक संख्या में उर्स के मौके पर शामिल होने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि उर्स एक सूफी संत की पुण्यतिथि होती है है, जिसे आमतौर पर उनकी दरगाह (मकबरा) पर अकीदत के साथ उर्स मनाया जाता है। इसे एक वार्षिक उत्सव भी कहा जाता है। जिसमें श्रद्धालु दरगाह पर अपनी आस्था लेकर आते हैं। इस मौके पर तकरीरी प्रोग्राम, कव्वालियां, हम्द, नात और सूफी- संत की शिक्षाओं पर आधारित कार्यक्रम मुख्य उद्देश्य होगा। रहमानी ने कहा कि यह एक ऐसा अवसर होता है, जिसमें लोग एक साथ दरगाह पर आते हैं और सूफी विचारधारा को बढ़ावा देते हैं। उन्होंने कहा कि उर्स में शामिल होने से एक अच्छा अनुभव मिलता है।


