गोरखपुर विश्वविद्यालय उर्दू विभाग में विदाई समारोह का आयोजन
दीन दयाल उपाध्याय विश्वविद्यालय के एम0ए0 उर्दू प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों द्वारा एम0ए0 उर्दू उत्तीर्ण विद्यार्थियों के सम्मान में एक भावपूर्ण विदाई समारोह का आयोजन किया गया। यह समारोह भावनाओं, यादों और प्रार्थनाओं से भरा एक यादगार क्षण बन गया। समारोह की शुरुआत उम्मे हानी द्वारा पवित्र कुरान की तिलावत से हुई, जिसके बाद मुहम्मद रजा कादरी द्वारा नात-ए-रसूल पेश किया गया। सायमा खातून की विदाई कविता ने सभी की आंखों को नम कर दिया। स्वागत भाषण प्रथम वर्ष के छात्र मुहम्मद राफे ने दिया। वरिष्ठ विद्यार्थियों ने अपने हृदयस्पर्शी उद्गार प्रस्तुत किए, जिससे माहौल कभी उत्साहपूर्ण तो कभी गमगीन हो गया। दो साल के शैक्षणिक और साहित्यिक सफर की यादें हर तरफ गूंज रही थीं। इस अवसर पर उर्दू विभागाध्यक्ष प्रोफेसर मुहम्मद रजी-उर-रहमान ने अध्यक्षीय भाषण देते हुए कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान नहीं है, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण और समाज में सकारात्मक बदलाव लाना भी है। हम गर्व से कहते हैं कि एम0ए0 द्वितीय वर्ष के ये छात्र न केवल शैक्षणिक रूप से परिपक्व हैं, बल्कि नैतिक मूल्यों से भी समृद्ध हैं। आज हम उन्हें एक नए सफर पर रवाना कर रहे हैं, और हमें यकीन है कि वे जहां भी जाएंगे, संस्थान का नाम रोशन करेंगे। इसके अलावा डॉ. साजिद हुसैन अंसारी, डा0 सलमा और डॉ. महबूब हसन ने भी छात्रों का मार्गदर्शन किया और उत्साहवर्धन के बहुमूल्य शब्द कहे। इस अवसर पर वरिष्ठ सहयोगियों को उपहार भेंट किए गए। छात्रों के भाव भी दिल को छू लेने वाले थे। फहीम अहमद ने कहा कि यह संस्थान हमारे लिए दूसरा घर है। यहां उन्हें मार्गदर्शन और प्यार मिला, उसे कभी नहीं भुलाया जा सकेगा। छात्र मुहम्मद रजा कादरी ने भावुक स्वर में कहा, शिक्षकों की ईमानदारी, सहकर्मियों की मित्रता और कक्षा में हंसी-मजाक से भरा माहौल आज हमारी आंखों के सामने घूम रहा है। दिल चाहता है कि समय रुक जाए, लेकिन हमें आगे बढ़ना है।
समारोह के अंत में माहौल में एक उदासी छा गई। एक तरफ खुशी थी कि छात्र अपनी मंजिल के करीब पहुंच गए हैं, वहीं दूसरी तरफ बिछड़ने का एहसास सभी की आंखों को नम कर रहा था। छात्रों, शिक्षकों और दोस्तों की शुभकामनाओं के आदान-प्रदान से माहौल भावनाओं से भर गया। समारोह में बड़ी संख्या में शिक्षक, छात्र और शोधार्थी शामिल हुए और सभी इस बात पर सहमत दिखे कि ये पल कभी नहीं भूले जा सकेंगे। विदाई समारोह का संचालन अनवर हुसैन ने बड़ी शालीनता से किया।
