मदरसे से निकली बदलाव की लहर
बकरीद के अवसर पर खजुरी गांव में हुआ तंबाकू, स्वच्छता और शिक्षा पर जागरूकता कार्यक्रम
संत कबीर नगर (खजुरी)। बकरीद के शुभ अवसर पर खजुरी गांव स्थित कंजूल-उलूम मदरसे में पहली बार तंबाकू निषेध, स्वच्छता, शिक्षा और कैंसर जागरूकता को लेकर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह आयोजन मसीहा वेलफेयर सोसाइटी एवं एम.एम. आज़ाद स्कूल के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ, जिसमें 150 से अधिक लोगों ने भागीदारी की।
इस अवसर पर ग्रामीणों ने तंबाकू, गुटखा और अन्य नशा उत्पादों का त्याग करने की शपथ ली। कार्यक्रम में शामिल वक्ताओं ने शिक्षा, स्वास्थ्य और नशामुक्त समाज की आवश्यकता पर जोर दिया। यह पहला अवसर था जब एक मदरसे में इस प्रकार का सामाजिक एवं स्वास्थ्य केंद्रित आयोजन किया गया।
मसीहा वेलफेयर सोसाइटी के अध्यक्ष ई. मोहम्मद यूसुफ खान ने कहा, “हमारा लक्ष्य है कि खजुरी गांव को तंबाकू और नशामुक्त बनाकर एक आदर्श गांव के रूप में प्रस्तुत किया जाए, ताकि पूर्वांचल को कैंसर मुक्त बनाने की दिशा में एक सशक्त संदेश जाए।”
मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए डॉ. अबूकर, जिला सलाहकार, सीएमओ कार्यालय संत कबीर नगर ने स्वास्थ्य के प्रति समझ और समाज में स्वास्थ्य संरचना पर बल दिया। कार्यक्रम में एम.एम.आज़ाद स्कूल के प्रबंधक परवेज़ हाफिज़ ने शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला, वहीं मोहम्मद इरशाद ने स्वच्छता और स्वास्थ्य के आपसी संबंध को समझाते हुए अपने विचार रखे। डॉ मुस्तफा खान ने पब्लिक हेल्थ मे प्रिवेंटिव ऑन्कोलॉजी मे विस्तृत जानकारी साझा की, और जल्दी स्क्रीनिंग और जल्दी इलाज पे जोर दिया, साथ ही साथ तंबाकू, गुटखा और शराब को छोड़ने पर जोर दिया, और खुशहाल और सुखी परिवार का मंत्र दिया। जिससे कल एक स्वस्थ, समृध् समाज की परिकल्पना को साकार किया जा सके।
यह आयोजन न केवल एक नई पहल का प्रतीक बना, बल्कि ग्रामीण समुदाय को स्वास्थ्य और शिक्षा की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा भी दी।


