हरितालिका तीज व्रत 26 अगस्त को मनाया जायेगा

सौभाग्यवती महिलाएं अखण्ड सौभाग्य के लिए रखेगीं व्रत:पं बृजेश पाण्डेय ज्योतिषाचार्य

गोरखपुर । हरितालिका तीज व्रत के पूजन को लेकर जनमानस मे उपजी भ्रांतियों को देखते हुए भारतीय विद्वत् महासंघ की एक आवश्यक बैठक कर निर्णय लिया गया कि हरितालिका व्रत भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष तृतीया तिथि को हस्त नक्षत्र युक्त करना श्रेयस्कर है ।
तथा चतुर्थी युक्त होने से और पुण्यदायी हो जाता है ।
इसबार 25 अगस्त दिन सोमवार को दिन मे 11 बजकर 39 मिनट से तृतीया तिथि आरंभ हो जा रही है तथा 26 अगस्त मंगलवार को दिन मे 12:40 तक है । और उसके बाद चतुर्थी तिथि लग जा रही है जो बहुत ही कल्याणकारी है. हस्त नक्षत्र भी मिल रहा है इसलिए सभी पंचागों व निर्णय सिंधु ग्रंथ का अवलोकन किया गया तथा सभी विद्वानों ने निर्णय दिया कि 26 अगस्त मंगलवार को हरितालिका तीज व्रत महिलाएं अपने अखंड सौभाग्य के लिए रखेगी और सायंकाल मे पूजा पाठ करेगीं । इसमे किसी प्रकार का दोष नही है, दूसरे दिन 27 को पारण करेगी.
मान्यता है कि हिमालय पुत्री पार्वती शंकर जी को अपना पति मान चुकी थी और उनके पिता हिमालय ने विष्णु जी से विवाह तय कर दिया था । जब पार्वती को पता चला तो अपने सखी से सारी बाते बताई, जिस पर उनकी सखी पार्वती को लेकर घोर जंगल मे जाकर बालू की शिव प्रतिमा बनाकर पूजा कर रही थी इधर हिमालय भी ढूढते हुए वहां पहुचें उस दिन भाद्रपद मास की शुक्लपक्ष की हस्त नक्षत्र युक्त तृतीया तिथि था । पार्वती जी ने उसी दिन पूजा किया था.
हिमालय भी शिव जी से पूजा के लिए राजी हो गये और धूमधाम से पार्वती जी का विवाह कर दिए तभी से सभी महिलाएं भाद्रपद मास के हस्त नक्षत्र युक्त तृतीया तिथि को व्रत रहकर अपने पति कि दीर्घायु की कामना करती है ।
अपना मत देने वाले विद्वातजनों मे पं बृजेश पाण्डेय ज्योतिषाचार्य,
पं अश्वनी कुमार मिश्र ज्योतिर्विद,पं राधाकृष्ण पाठक,पं ब्रह्मानंद मिश्र, पं रामसूचित उपाध्याय,
पं राजकिशोर मिश्र,पं धनंजय मिश्र, पं अंकित मिश्र, पं अनुकृतम पाण्डेय, पं रामप्रताप मिश्र, पं राजू दूबे,पं मनोज तिवारी, पं वैद्यनाथ द्विवेदीआदि ने निर्णय दिया तथा अन्य कई पौरोहित्य संगठन समर्थन किए ।

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