*समन्वित प्रयासों के जरिये जानवरों से फैलने वाली बीमारियों से होगा बचाव*
जिलाधिकारी के निर्देश पर जिला जूनोटिक समिति की बैठक में बनी रणनीति
बैठक में स्वास्थ्य विभाग, एम्स और बीआरडी मेडिकल कॉलेज के साथ आधा दर्जन विभागों ने लिया हिस्सा
*गोरखपुर।* जानवरों से फैलने वाली बीमारियों से समुदाय को बचाने के लिए समन्वित प्रयास किए जाएंगे। इस सम्बन्ध में जिलाधिकारी दीपक मीणा के निर्देश पर शनिवार की शाम को जिला जूनोटिक समिति की बैठक में रणनीति बनाई गई। बैठक के दौरान स्वास्थ्य विभाग, आरएमआरसी, एम्स गोरखपुर और बीआरडी मेडिकल कॉलेज सहित दर्जनों विभागों के अधिकारियों ने हिस्सा लिया। इस अवसर पर निर्णय लिया गया कि इन बीमारियों से बचाव की गतिविधियों के संचालन में सभी सम्बन्धित स्टेक होल्डर्स एक दूसरे का सहयोग करेंगे।
जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ राजेश झा ने बताया कि जानवरों से होने वाली बीमारी सिर्फ किसी एक संस्था के जरिए नियंत्रित नहीं की जा सकती है। मसलन कुत्तों के कारण फैलने वाले रैबीज की रोकथाम में जहां स्वास्थ्य विभाग की भूमिका एआरवी का इंजेक्शन लगाने में होती है, वैसे ही कुत्तों के टीकाकरण में पशुपालन विभाग अहम भूमिका निभा सकता है। यही वजह है कि जूनोटिक रोगों जैसे एवियन इन्फ्लुएंजा (बर्डफ्लू), रेबीज़, जापानी इंसेफलाइटिस और लेप्टोस्पायरोसिस आदि से बचाव के मुद्दे पर जिला जूनोटिक समिति की बैठक की भूमिका अहम हो जाती है। गोरखपुर जिले की संवेदनशीलता को देखते हुए यह पहल काफी महत्वपूर्ण है।
बैठक के दौरान विश्व स्वास्थ्य संगठन की अनुशंसाओं पर भी खासतौर से चर्चा हुई। तय किया गया कि सभी विभाग वन हेल्थ के दृषिट्कोण के साथ अपने-अपने क्षेत्रों में गतिविधियां करेंगे। इसके तहत वह एक दूसरे से सूचना साझा करते हुए इन बीमारियों की सतत निगरानी, त्वरित कार्रवाई और जनजागरूकता की गतिविधियों को लेकर प्रभावी ढंग से काम करेंगे।
इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग, पशुपालन विभाग, नगरीय विकास विभाग, वन विभाग, कृषि विभाग एवं पर्यावरण विभाग के अधिकारियों के साथ-साथ आरएमआरसी के निदेशक तथा एम्स गोरखपुर और बीआरडी मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी, पैथोलॉजी, कम्युनिटी मेडिसिन और मेडिसिन विभागों के प्रतिनिधि अधिकारीगण प्रमुख तौर पर मौजूद रहे।
