(जिला स्वास्थ्य समिति (कार्यकारी समिति), गोरखपुर)

जिला स्वास्थ्य समिति की कार्यकारी समिति की महत्वपूर्ण बैठक मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय के  प्रेरणाश्री सभागार, गोरखपुर में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुई। बैठक का मुख्य उद्देश्य जनपद में संचालित स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा करना, उपलब्धियों का मूल्यांकन करना तथा भावी योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाना रहा। कार्यकारी समिति की बैठक में अपर निदेशक (चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण) गोरखपुर मण्डल गोरखपुर के द्वारा प्रतिभाग किया गया।

बैठक के प्रारंभ में जनपद गोरखपुर द्वारा यू.पी. हेल्थ डैशबोर्ड रैंकिंग में चौथा स्थान प्राप्त करने पर प्रसन्नता व्यक्त की गई। यह उपलब्धि जिले के समस्त स्वास्थ्य कर्मियों, चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ, आशा कार्यकर्ताओं, एएनएम तथा प्रशासनिक टीम के समन्वित प्रयासों का परिणाम है। अपर निदेशक महोदय ने इस सफलता को जनपद की सुदृढ़ स्वास्थ्य व्यवस्था और बेहतर मॉनिटरिंग का प्रमाण बताते हुए सभी को बधाई दी तथा भविष्य में प्रथम स्थान प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयास करने का आह्वान किया।

बैठक में बालिका समृद्धि पखवाड़ा के अंतर्गत आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों की भी विस्तृत सराहना की गई। “स्वास्थ्य ही सम्पदा” विषय पर आयोजित गोष्ठियों ने किशोरियों एवं छात्राओं को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके साथ ही पिंक कार्ड जूनियर के शुभारंभ को बालिकाओं के पोषण एवं स्वास्थ्य निगरानी की दिशा में एक सराहनीय पहल बताया गया।

जनपद के 19 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में आयोजित एनीमिया जांच शिविरों, बीएमआई आंकलन, मूलभूत स्वास्थ्य परीक्षण, सेनेटरी नैपकिन वितरण तथा वाद-विवाद एवं पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिताओं ने बालिकाओं में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने का कार्य किया। इन गतिविधियों के माध्यम से न केवल स्वास्थ्य समस्याओं की समय रहते पहचान संभव हुई बल्कि छात्राओं में स्वच्छता एवं पोषण के महत्व को भी मजबूती से स्थापित किया गया। बैठक में इन कार्यक्रमों को आगे और व्यापक स्तर पर आयोजित करने के निर्देश दिए गए।

स्वास्थ्य सेवाओं में नवाचार के रूप में अपनाए गए हब एवं स्पोक सैम्पल ट्रांसपोर्टेशन सिस्टम की विशेष सराहना की गई। इस व्यवस्था के माध्यम से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर सैम्पल कलेक्शन कर उन्हें जिला अस्पताल तक सुरक्षित रूप से पहुँचाया गया, जिससे लगभग 15,000 से अधिक लोगों को समय पर जांच एवं उपचार का लाभ मिला। यह प्रणाली ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के मरीजों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो रही है। अपर निदेशक महोदय ने निर्देश दिया कि इस व्यवस्था का दायरा और अधिक बढ़ाया जाए ताकि हर जरूरतमंद व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण जांच सेवाएं पहुँच सकें।

बैठक में जननी सुरक्षा योजना के अंतर्गत अधिक से अधिक गर्भवती महिलाओं को लाभान्वित करने पर विशेष जोर दिया गया। सुरक्षित प्रसव को बढ़ावा देने तथा मातृ मृत्यु दर को न्यूनतम करने के लिए सभी स्वास्थ्य इकाइयों को सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए गए। साथ ही, बाल मृत्यु एवं मातृ मृत्यु की शत-प्रतिशत ऑडिट सुनिश्चित करने को कहा गया ताकि प्रत्येक घटना से सीख लेकर स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ बनाया जा सके।

जनपद में 16 फरवरी से 27 फरवरी तक प्रस्तावित एम.आर. (खसरा-रूबेला) अभियान को सफल बनाने हेतु समस्त तैयारियाँ समय से पूर्ण करने के निर्देश भी दिए गए। बच्चों को इन संक्रामक रोगों से सुरक्षित रखने के लिए टीकाकरण अभियान को जन-जन तक पहुँचाने पर बल दिया गया तथा जनजागरूकता गतिविधियों को तेज करने को कहा गया।

बैठक में मातृ एवं बाल स्वास्थ्य से जुड़े सभी प्रमुख कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की गई, जिनमें एनीमिया मुक्त भारत अभियान, परिवार नियोजन कार्यक्रम, नियमित टीकाकरण, स्वास्थ्य संस्थानों के निर्माण कार्यों की प्रगति, क्वालिटी एश्योरेंस कार्यक्रम तथा विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम सम्मिलित रहे। अंधता निवारण कार्यक्रम एवं वेक्टर बॉर्न डिजीज कंट्रोल प्रोग्राम के अंतर्गत मलेरिया, डेंगू एवं अन्य संक्रामक रोगों की रोकथाम हेतु किए जा रहे प्रयासों पर भी संतोष व्यक्त किया गया।

अपर निदेशक महोदय ने समस्त प्रभारी चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया कि अपने-अपने क्षेत्रों में झोला छाप डॉक्टर की अवश्य निगरानी करें। अगर कोई अपंजीकृत क्लीनिक/अस्पताल संचालित होने की सूचना प्राप्त होती है तो कार्यवाही हेतु जिला स्तर पर अवश्य सूचित करें।

विशेष रूप से आयुष्मान भारत जन आरोग्य योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को गुणवत्तापूर्ण एवं निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराने की दिशा में किए जा रहे कार्यों की सराहना की गई। बैठक में निर्देश दिए गए कि कोई भी पात्र परिवार योजना से वंचित न रहे तथा अस्पतालों में कैशलेस उपचार की प्रक्रिया को और अधिक सुगम बनाया जाए।

बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी गोरखपुर, प्रमुख अधीक्षक जिला चिकित्सालय एवं जिला महिला चिकित्सालय, समस्त अधीक्षक एवं प्रभारी चिकित्सा अधिकारी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक (एनएचएम), सभी कंसल्टेंट, बीपीएम तथा विभिन्न सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने सक्रिय सहभागिता की। सभी अधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की तथा आगामी योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की।

अपर निदेशक महोदय ने अपने संबोधन में कहा कि गोरखपुर जनपद स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में निरंतर प्रगति कर रहा है और यह तभी संभव है जब सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों के समर्पण और मेहनत की सराहना करते हुए कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना ही हमारा मुख्य लक्ष्य होना चाहिए।

बैठक के अंत में यह संकल्प लिया गया कि जनपद को स्वास्थ्य के क्षेत्र में प्रदेश में अग्रणी स्थान दिलाने के लिए सभी अधिकारी एवं कर्मचारी पूरी निष्ठा एवं प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेंगे। जनता को बेहतर, सुलभ एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराना जिला स्वास्थ्य समिति की सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी।

By Minhajalisiddiquiali

गोरखपुर up53 सीएम सिटी

Leave a Reply

Discover more from Arushan News

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading