दरगाह का मिशन मुहब्बत, लोगों को जोड़ना व मुल्क की खुशहाली की दुआ करना है : उलमा किराम

उर्स-ए-पाक का दूसरा दिन, अकीदतमंदों का उमड़ा सैलाब

गोरखपुर। नार्मल स्थित हजरत मुबारक खां शहीद अलैहिर्रहमा के सालाना उर्स-ए-पाक के दूसरे दिन गुरुवार को दरगाह परिसर पूरी तरह रूहानी माहौल में डूबा नजर आया। महफिल-ए-मिलाद, कुल शरीफ और कुरआन ख्वानी के साथ अकीदत का सिलसिला जारी रहा। बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के साथ-साथ अन्य धर्मों के लोगों ने भी शिरकत कर गंगा-जमुनी तहज़ीब और भाईचारे का संदेश दिया। फज्र की नमाज के बाद कुरआन ख्वानी से कार्यक्रम का आगाज हुआ। इसके बाद महफिल-ए-मिलाद में उलमा किराम ने इंसानियत, सेवा और आपसी मुहब्बत का पैगाम दिया। उन्होंने कहा कि दरगाह का मूल उद्देश्य लोगों को जोड़ना, मुहब्बत फैलाना और मुल्क की तरक्की व खुशहाली के लिए दुआ करना है।

मुख्य अतिथि की मौजूदगी में दिया अमन का पैगाम

उर्स के दूसरे दिन मुख्य अतिथि के तौर पर इमामबाड़ा इस्टेट मियां बाजार के सज्जादानशीन सैयद अदनान फर्रुख शाह के साहबजादे सैयद अयान अली शाह मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि इमामबाड़ा इस्टेट हमेशा से अमन, शांति और भाईचारे का पैगाम देता आया है और ऐसे रूहानी आयोजनों से समाज में एकता और सौहार्द को मजबूती मिलती है।

इस्लाम का असल पैगाम अमन और इंसानियत

दरगाह सदर इकरार अहमद ने कहा कि पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की शिक्षाएं इंसानियत, शांति और करुणा पर आधारित हैं। उन्होंने कहा कि सच्चा मुसलमान वही है जिसके हाथ और ज़ुबान से किसी को तकलीफ न पहुंचे। अगर इन शिक्षाओं पर अमल किया जाए तो समाज से बुराइयों का खात्मा संभव है।

मेले में रौनक, लोगों ने उठाया लुत्फ

दरगाह परिसर में लगे मेले में हलवा-पराठा, बिरयानी, शिरमाल, चाट और आइसक्रीम के साथ झूलों का भी इंतजाम रहा, जहां बच्चों से लेकर बड़ों तक ने भरपूर आनंद उठाया।

सरकारी चादर व गागर का जुलूस, कव्वाली की धूम

शाम को मियां बाजार से सरकारी चादर व गागर का जुलूस अदब के साथ निकाला गया। जुलूस मियां बाजार, कोतवाली रोड और जीलानी गली होते हुए दरगाह पहुंचा, जहां मजार पर चादर पेश कर दुआएं मांगी गईं। रात में लिटिल चैंप अजमत आफताब वारसी और उत्तराखंड के कव्वाल इंतेजार साबरी ने शानदार कव्वाली पेश कर समां बांध दिया। पूरी रात चले कव्वाली कार्यक्रम में अकीदतमंद झूमते नजर आए।

आज होगा समापन, लंगर व कव्वाली मुकाबला आकर्षण

उर्स का समापन शुक्रवार को होगा। फज्र के बाद कुरआन ख्वानी, सुबह महफिल-ए-मिलाद व आखिरी कुल शरीफ की रस्म अदा की जाएगी। नमाज-ए-जुमा के बाद लंगर वितरण होगा। रात में अंतर्राष्ट्रीय कव्वाल सैम अली नियाजी (बदायूं) और इंतेजार साबरी के बीच कव्वाली मुकाबला विशेष आकर्षण रहेगा। कार्यक्रम में हाजी खुर्शीद आलम खान, हाजी कलीम फरजंद, मौलाना वसीम अख्तर अजीजी, सैयद शहाब अहमद, कारी अफजल बरकाती सहित बड़ी संख्या में अकीदतमंद मौजूद रहे।

By Minhajalisiddiquiali

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