‘बुजुर्गों के अकीदे’ किताब पर हुआ ओपन बुक कॉम्पिटिशन
गोरखपुर। जामिया अल इस्लाह एकेडमी नौरंगाबाद गोरखनाथ में ‘बुजुर्गों के अकीदे’ किताब पर ओपन बुक कॉम्पिटिशन का आयोजन हुआ। जिसमें करीब 40 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। तकरीबन 50 वैकल्पिक सवाल पूछे गए। एक घंटे के समय में प्रतिभागियों ने सभी सवालों के जवाब दिए। प्रतिभागियों ने असाइनमेंट फाइल भी जमा की। कॉम्पिटिशन का पुरस्कार व प्रमाण पत्र वितरण रविवार 26 अप्रैल को किया जाएगा।
एकेडमी के संचालक आसिफ महमूद ने बताया कि ‘बुजुर्गो के अकीदे’ मौलाना जलालुद्दीन अहमद अमजदी अलैहिर्रहमा की लिखी मशहूर किताब है। यह किताब उन अकीदों (विश्वासों) की व्याख्या करती है जो पैगंबरों, सहाबा किराम, अहले बैत और औलिया किराम द्वारा पीढ़ी दर पीढ़ी चले आ रहे हैं। किताब में बुजुर्गों के बताए हुए रास्तों पर चलने और उनके द्वारा दी गई शिक्षाओं को अपने जीवन में उतारने की शिक्षा दी गई है।
उन्होंने बताया कि ओपन बुक कॉम्पिटिशन प्रतिभागियों को सूचनाओं को रटने के बजाय उनका विश्लेषण, संश्लेषण और मूल्यांकन करने के लिए प्रोत्साहित करता है। ओपन बुक कॉम्पिटिशन का मुख्य फायदा पारंपरिक परीक्षाओं की तुलना में बहुत अलग और आधुनिक है। असल जिंदगी में भी हमारे पास संसाधनों तक पहुंच होती है, ओपन बुक फॉर्मेट हमें सिखाता है कि उन संसाधनों का उपयोग करके समस्याओं का समाधान कैसे निकाला जाए।
कॉम्पिटिशन के आयोजन में प्रधानाचार्या शीरीन आसिफ, तानिया अख्तर, हाफिज रहमत अली निजामी, नेहाल अहमद, मुहम्मद अनस कादरी ने महती भूमिका निभाई।
