गोरखपुर टीईटी लागू होने से पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर टीईटी की अनिवार्यता समाप्त किए जाने की मांग को लेकर राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ गोरखपुर के प्रतिनिधिमंडल ने गोरखपुर मंडल अध्यक्ष राजेश शुक्ल के नेतृत्व में राज्यसभा सदस्य श्रीमती संगीता यादव जी से चौरीचौरा स्थित उनके आवास पर शिष्टाचार भेंट कर उन्हें विस्तृत ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के उपरांत प्रदेश के लाखों शिक्षकों के समक्ष उत्पन्न असमंजसपूर्ण स्थिति से अवगत कराते हुए कहा कि वर्षों से सेवाएं दे रहे शिक्षकों के हितों की रक्षा के लिए केंद्र एवं राज्य सरकार को शीघ्र प्रभावी पहल करनी चाहिए।
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि टीईटी लागू होने से पूर्व नियुक्त शिक्षकों ने निर्धारित नियमों के अनुसार नियुक्ति प्राप्त की थी तथा लंबे समय से गुणवत्तापूर्ण शैक्षिक सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। ऐसे शिक्षकों के भविष्य एवं सेवा सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आवश्यक विधायी एवं नीतिगत समाधान निकाला जाना समय की मांग है। माननीय राज्यसभा सदस्य श्रीमती संगीता यादव जी ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता एवं संवेदनशीलता से सुना । उन्होंने कहा कि यह विषय लाखों शिक्षक परिवारों के भविष्य से जुड़ा हुआ है और इसे पूरी गंभीरता से संबंधित मंत्रालय तथा सरकार के समक्ष उठाया जाएगा। उन्होंने आश्वस्त किया कि शिक्षकों के न्यायोचित हितों की रक्षा के लिए संसद स्तर पर हरसंभव सहयोग एवं सकारात्मक प्रयास किए जाएंगे तथा इस विषय में संबंधित अधिकारियों से भी आवश्यक संवाद स्थापित किया जाएगा। प्रतिनिधिमंडल में मंडल अध्यक्ष गोरखपुर राजेश कुमार शुक्ल, कार्यकारी मंडल अध्यक्ष बस्ती आञ्जनेय त्रिपाठी, जिला संयोजक जयप्रकाश मद्धेशिया, जिला सहसंयोजक धर्मेंद्र कुमार सिंह, विजय बरनवाल, महेंद्र कुमार पटेल, अश्वनी कुमार सिंह, जितेन्द्र कुमार सिंह, अनूप कुमार पटेल, विनय धर द्विवेदी, अजय कुमार तथा सुरेंद्र कुमार उपस्थित रहे।

