गोरखपुर । उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के जिला अध्यक्ष राम नगीना निषाद जी के नेतृत्व में दर्जनों शिक्षामित्र पदाधिकारियों ने मननीय एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह जी के आवास पर पहुंचकर विशेष अध्यापक पात्रता परीक्षा (Special TET) में शिक्षामित्रों को सम्मिलित किए जाने के संबंध में दिया ज्ञापन , जिसमें शिक्षकों की भांति शिक्षामित्रों को भी विभागीय यानी विशेष टेट परीक्षा में सम्मिलित करने की मांग रखी ।
इस दौरान संगठन के जिला अध्यक्ष राम नगीना निषाद जी ने कहा प्रदेश के लाखों शिक्षामित्रों की पीड़ा, उनके लंबे संघर्ष और उनके भविष्य की सुरक्षा के संबंध में आपका गंभीर ध्यान आकृष्ट कराना चाहते हैं। आपका ध्यान बेसिक शिक्षा अनुभाग-5 के पत्रांक संख्या 68-5005(001)/11/2025-अनुभाग-5 दिनांक 02 सितंबर, 2026 द्वारा जारी ‘विशेष अध्यापक पात्रता परीक्षा (Special TET)’ की कार्ययोजना की ओर आकर्षित करना है। माननीय उच्चतम न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में विभाग द्वारा शिक्षकों हेतु स्पेशल टीईटी आयोजित करने का निर्णय स्वागत योग्य है। किंतु इस कार्ययोजना के अंतर्गत एक ओर जहाँ विभाग के विशेष शिक्षकों / एजुकेटर्स को सम्मिलित किया गया है, वहीं दूसरी ओर उत्तर प्रदेश के परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में पिछले लगभग 25 वर्षों से लगातार और निष्ठापूर्वक अध्यापन कार्य कर रहे शिक्षा मित्रों को इस परीक्षा से पूरी तरह वंचित रखा गया है। शिक्षा मित्रों के प्रति यह भेदभावपूर्ण रवैया समझ से परे है और इससे संपूर्ण शिक्षा मित्र समुदाय में भारी उपेक्षा, निराशा एवं रोष व्याप्त है। शिक्षा मित्रों ने अपने शिक्षण कार्यकाल के दौरान विद्यालयों में बच्चों के पठन-पाठन और शैक्षिक गतिविधियों में रीढ़ की हड्डी की भूमिका निभाई है। जब शासन स्तर पर शिक्षकों हेतु पात्रता परीक्षा का अवसर प्रदान किया जा रहा है, तो दो दशक से अधिक समय से शिक्षण अनुभव रखने वाले शिक्षा मित्रों को इससे बाहर रखना न्याय संगत नहीं है। यदि उन्हें अवसर नहीं मिला, तो वे अपनी पूर्ण योग्यता हासिल करने और अपने भविष्य को सुरक्षित करने से वंचित रह जाएंगे। उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ की ओर से आपसे करबद्ध प्रार्थना है कि उक्त विषय की महत्ता और गंभीरता को संज्ञान में लेते हुए बेसिक शिक्षा विभाग की इस विशेष अध्यापक पात्रता परीक्षा (Special TET) की कार्ययोजना एवं नियमावली में आवश्यक संशोधन किया जाए। इसमें विशेष शिक्षकों के साथ-साथ लगभग 26 वर्षों से कार्यरत शिक्षामित्रों को भी अनिवार्य रूप से सम्मिलित किया जाए, ताकि वे भी इस परीक्षा में भाग लेकर अपनी पूर्ण योग्यता हासिल कर सकें।
इस पर माननीय एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह ने सहनिभूति पूर्वक शिक्षामित्रों की मांगों को माननीय मुख्यमंत्री जी के पास पहुंचने का आश्वासन दिया ।
इस मौके पर जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष अविनाश कुमार, महामंत्री राजनाथ यादव, संतोष कुमार गुप्ता, अशोक चंद्रा, रामनाथ ,रमेश चंद ,परिक्षीत उपाध्याय, संतोष सिंह,शिवचन्द गुप्ता, गोपालजी सिंह, सिमा देवी, अशोक चंद्रा, रामानंद राव ,नरसिंह प्रजापति, लालधर निषाद ,बेचन सिंह आदि उपस्थित रहे ।

