जीपीएफ/एनपीएस पासबुक, सेवा पुस्तिका व मानव संपदा पोर्टल दुरुस्त कराने सहित चिकित्सा प्रतिपूर्ति के शीघ्र भुगतान का दिया ज्ञापन: रूपेश
गोरखपुर, । राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद, गोरखपुर के प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी महोदय को कर्मचारियों की विभिन्न महत्वपूर्ण समस्याओं के समाधान के संबंध में ज्ञापन सौंपा। परिषद ने जनपद के सभी विभागों के कर्मचारियों से जुड़े अभिलेखों को अद्यतन करने तथा लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण कराने की मांग की। परिषद के मांग पत्र में कहां गया है कि सभी विभागों के कर्मचारियों की जीपीएफ/एनपीएस पासबुक एवं सेवा पुस्तिका तत्काल अद्यतन कराई जाए। मानव संपदा पोर्टल पर कर्मचारियों की गलत अंकित प्रविष्टियों को सेवा पुस्तिका के अभिलेखों के आधार पर संशोधित कराया जाए। साथ ही सभी एनपीएस कर्मचारियों से फार्म एस-2 भरवाकर उनके PRAN कार्ड की सभी प्रविष्टियों को सही कराया जाए, ताकि भविष्य में पेंशन एवं सेवानिवृत्ति संबंधी समस्याओं का सामना न करना पड़े। परिषद ने संविदा एवं आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को समय से मानदेय उपलब्ध कराने की भी मांग की।
इसके अतिरिक्त परिषद ने जनपद के विभिन्न विभागों में लंबे समय से लंबित चिकित्सा प्रतिपूर्ति के प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण कराने की मांग उठाई। विशेष रूप से पंचायती राज विभाग के सफाई कर्मचारियों, लोक निर्माण विभाग एवं सिंचाई विभाग के फील्ड कर्मचारियों सहित अन्य विभागों के कर्मचारियों के लंबित चिकित्सा प्रतिपूर्ति प्रकरणों की समीक्षा कर शीघ्र भुगतान कराने का आग्रह किया गया। गंभीर बीमारी एवं दुर्घटना से संबंधित मामलों को प्राथमिकता देने तथा अनावश्यक विलंब के लिए जवाबदेही निर्धारित करने की मांग भी की गई।
ज्ञापन में कहा गया है कि कर्मचारी अपनी अथवा अपने आश्रित परिजनों की चिकित्सा पर निजी बचत अथवा उधार लेकर धनराशि खर्च करते हैं। ऐसे में प्रतिपूर्ति में अनावश्यक विलंब कर्मचारियों के लिए गंभीर आर्थिक परेशानी का कारण बनता है। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष रूपेश कुमार श्रीवास्तव एवं महामंत्री मदन मुरारी शुक्ल ने कहा कि कर्मचारियों के सेवा अभिलेखों में त्रुटियां, एनपीएस एवं मानव संपदा पोर्टल की गलत प्रविष्टियां तथा चिकित्सा प्रतिपूर्ति में अनावश्यक विलंब सीधे तौर पर कर्मचारियों के हितों को प्रभावित करते हैं। इसलिए इन समस्याओं का विभागवार अभियान चलाकर शीघ्र समाधान कराया जाना आवश्यक है। उन्होंने जिलाधिकारी से सभी विभागों के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर लंबित प्रकरणों की समीक्षा, समय-सीमा निर्धारित करने तथा कर्मचारियों को राहत दिलाने की मांग की।
सेवानिवृत्ति पर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को सम्मानसूचक पदनाम देने की मांग
परिषद ने माननीय प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश को भी पत्र भेजकर देश के समस्त चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के समय उनके विभाग के अगले उच्च पद का सम्मानसूचक पदनाम प्रदान करने हेतु नीति बनाए जाने की मांग की है। परिषद का कहना है कि यह पदनाम केवल सम्मान और सामाजिक गरिमा के लिए हो तथा इससे किसी प्रकार का अतिरिक्त वित्तीय लाभ, पदोन्नति या पेंशन संबंधी दावा उत्पन्न न हो। इससे सरकार पर कोई अतिरिक्त वित्तीय भार भी नहीं पड़ेगा और दशकों तक राष्ट्रसेवा करने वाले कर्मचारियों के आत्मसम्मान को नई गरिमा मिलेगी। इस अवसर पर रूपेश कुमार श्रीवास्तव अशोक पांडेय मदन मुरारी शुक्ल पंडित श्याम नारायण शुक्ल अनिल द्विवेदी अनूप कुमार सौरभ श्रीवास्तव राजेश मिश्रा सुभाष पांडेय रामधनी पासवान सहित तमाम कर्मचारी उपस्थित रहे।

