

संत सौरभ पर मलेशिया के डॉ. धच्चिनामूर्ति दारुमन की ‘कहाया सौदारा’ का कवर जारी
विश्व रिकॉर्ड पहल में दसवें दिन दसवीं अंतरराष्ट्रीय पुस्तक का ऑनलाइन अनावरण
भारत/मलेशिया। अंतरराष्ट्रीय साहित्यिक श्रृंखला के तहत दसवें दिन मलेशिया के लेखक दातुक सेरी, प्रोफेसरशिप डॉ. धच्चिनामूर्ति दारुमन की पुस्तक ‘कहाया सौदारा : द लाइट ऑफ ब्रदरहुड’ का कवर ऑनलाइन जारी किया गया। पुस्तक सौहार्द शिरोमणि संत सौरभ के जीवन-दर्शन, मानव एकता और वैश्विक सद्भाव से जुड़े विचारों पर केंद्रित है।
पुस्तक में भाईचारा, शांति, सांस्कृतिक संवाद तथा विभिन्न धर्मों और संस्कृतियों के बीच पारस्परिक सम्मान जैसे विषयों को प्रमुखता दी गई है। इसमें संत सौरभ के सामाजिक एवं आध्यात्मिक प्रयासों के साथ धरा धाम इंटरनेशनल से जुड़े सेवा, शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण, सड़क सुरक्षा और करुणा के विचारों को भी प्रस्तुत किया गया है।
पुस्तक का केंद्रीय संदेश ‘वसुधैव कुटुंबकम्—एक विश्व, एक परिवार’ की भावना से जुड़ा है। कवर पर भारत और मलेशिया के राष्ट्रीय ध्वजों के साथ दोनों देशों की सांस्कृतिक एवं स्थापत्य पहचान को दर्शाने वाले दृश्य शामिल हैं।
आयोजकों के अनुसार, पुस्तक संत सौरभ के विश्व सद्भाव के संदेश को मलेशियाई साहित्यिक दृष्टिकोण से प्रस्तुत करती है। श्रृंखला में विभिन्न देशों के लेखक उनके जीवन-दर्शन पर आधारित पुस्तकें तैयार कर रहे हैं। आयोजकों का कहना है कि इसका उद्देश्य साहित्य के माध्यम से मानव एकता, शांति और सांस्कृतिक संवाद को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अभिव्यक्ति देना है।
