संत सौरभ पर नाइजीरिया के प्रो. एभोरिया उसिहोलो चार्ल्स की ‘द बाओबाब ऑफ ह्यूमैनिटी’ का कवर जारी

विश्व रिकॉर्ड पहल में लगातार 13वें दिन 13वीं अंतरराष्ट्रीय पुस्तक का ऑनलाइन अनावरण

गोरखपुर,नाइजीरिया/नई दिल्ली। संत सौरभ के जीवन-दर्शन और सार्वभौमिक मानवता के संदेश पर केंद्रित अंतरराष्ट्रीय साहित्यिक अभियान के तहत नाइजीरिया के प्रो. एभोरिया उसिहोलो चार्ल्स, पीएच.डी. की पुस्तक ‘द बाओबाब ऑफ ह्यूमैनिटी’ का कवर ऑनलाइन जारी किया गया। पुस्तक का उपशीर्षक ‘संत सौरभ एंड द रूट्स ऑफ यूनिवर्सल हार्मनी’ है।

यह अभियान की लगातार 13वें दिन जारी 13वीं अंतरराष्ट्रीय पुस्तक है। पुस्तक में अफ्रीकी संस्कृति के महत्वपूर्ण प्रतीक बाओबाब वृक्ष को मानवता की गहरी जड़ों, दृढ़ता, निरंतरता और आपसी जुड़ाव के प्रतीक के रूप में प्रस्तुत किया गया है।

कृति में संत सौरभ के विचारों को मानव सेवा, करुणा, शांति, पर्यावरण संरक्षण और सार्वभौमिक सद्भाव से जोड़ते हुए भारत और अफ्रीका के सांस्कृतिक संवाद को रेखांकित किया गया है। कवर पर संत सौरभ, विशाल बाओबाब वृक्ष और अफ्रीकी परिवेश के माध्यम से “One Humanity • One Family • One World” का संदेश उभरता है।

आयोजकों के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य संत सौरभ एवं धरा धाम इंटरनेशनल के उद्देश्यों और विचारों को साहित्य सृजन के माध्यम से विश्वव्यापी बनाना तथा उनके जीवन-दर्शन पर पुस्तकों की व्यापक श्रृंखला तैयार करना है।

आयोजक डॉ. अभिषेक कुमार, डॉ. नीरज गुप्ता, डॉ. एहसान अहमद, डॉ. नारायण यादव, डॉ. पूजा शैलेंद्र निगम, सर्वेश कांत वर्मा एवं डॉ. शंभू पंवार, डॉ सतीश चंद शुक्ला ने इसे अंतरराष्ट्रीय साहित्यिक सहभागिता की निरंतर कड़ी बताया। पुस्तक का प्रकाशन गीता ज्ञान इंटरनेशनल पब्लिकेशन्स एवं दिव्य प्रेरक कहानियां ई-प्रकाशन द्वारा किया गया है।

By Minhajalisiddiquiali

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