
असमानता को दूर करती है शिक्षा: प्रो0 हरिकेश
व्यक्तियों, समुदायों और राष्ट्रों की प्रगति के लिए सबसे शक्तिशाली ताकतों में से एक है शिक्षा: विनय नन्दवंशीय प्रतिभा सम्मान समारोह में 100 मेधावियों को किया गया सम्मानित
गोरखपुर । आल इण्डिया महापद्मनन्द कम्युनिटी एजुकेटेड एसोसिएशन उ0 प्र0, जनपद इकाई गोरखपुर के तत्वावधान में नन्दवंशीय प्रतिभा सम्मान समारोह का आयोजन सिविल लाइन स्थित वैष्णवी लाॅन में दिनांक 02.10.2026 को किया गया। जिसमें हाई स्कूल, इण्टर, स्नातक, परास्नातक, में प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण, प्रौद्योगिकी शिक्षा, व्यवसायिक शिक्षा, में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले के साथ ही साथ खेल-कूद व अन्य विधा में उत्कृष्ठ प्रदर्शन कर समाज का नाम रोशन करने वाले लगभग 100 नन्द समाज के मेधावियों को मोमेण्टो, प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का शुभांरभ संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट राम शील शर्मा (हाई कोर्ट), विशिष्ट अतिथि गण में राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष तारकेश्वर प्रसाद नन्द, प्रदेश संरक्षक डा0 जे0 पी0 शर्मा, प्रदेश उपाध्यक्ष उमेश चन्द्र नन्द, मुख्य वक्ता प्रदेश मीडिया प्रभारी विनय कुमार नन्द, प्रदेश संगठन सचिव प्रो0 हरिकेश प्रसाद नन्द ने गांधी जी के चित्र के साथ ही साथ महापुरूषों के चित्र पर माल्यार्पण, पुष्पांजलि, दीप प्रज्जवलित करके किया। बुद्ध वंदना मण्डल के वरिष्ठ उपाध्यक्ष आर0 डी0 नन्द एवं स्वागत संबोधन में अतिथियों एवं आगंतुको का स्वागत मण्डल अध्यक्ष ऋषि कुमार नन्द ने किया।
भारत में शिक्षा के परिपे्रक्ष्य में संगठन की विचारधारा की प्रासंगिकता और महत्व विषय पर आयोजित संगोष्ठी को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि एडवोकेट राम शील शर्मा (हाई कोर्ट), ने कहा कि हर समाज व संगठन की अपनी एक विचारधारा होती है। लोकतांत्रिक समाज में शिक्षा संगठन की विचारधारा समानता, स्वतंत्रता और समावेशन पर आधारित होता है। किसी भी समाज का चतुर्दिक विकास तभी संभव है जब उस समाज के ज्यादा से ज्यादा लोग शिक्षित हों। संगठन अपने स्थापना काल से ही समाज में शिक्षा की जागरूकता को लेकर लगभग तीन दशक से प्रतिभा सम्मान समारोह का आयोजन करता चला आ रहा है। संगठन के इस प्रयास की ही देन है कि वर्तमान समय में शिक्षा के प्रति समाज में जागरूकता आई है। आज हर क्षेत्र में समाज के लोगों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है जो संगठन की देन है।
विशिष्ट अतिथिगण में तारकेश्वर प्रसाद नन्द ने कहा कि आधुनिक युग में तकनीकी प्रगति और वैश्वीकरण के कारण शिक्षा का परिदृश्य तेजी से बदल रहा है। बदलते परिवेश के अनूकूल ही समाज के लोग अपने बच्चों को शिक्षा दिलाएं। डा0 जे0 पी0 शर्मा ने कहा कि शिक्षा से ही व्यक्ति समाज की मुख्यधारा से जुड़ता है और तभी उसका विकास होता है। उमेश चन्द्र नन्द ने कहा कि समाज के पतन का कारण अशिक्षा ही रहा। जब कोई समाज अशिक्षित रहता है तो वह अपने कर्तव्य, हक और अधिकार के बारे में नहीं जानता है। यदि समाज चाहता है कि उसका भी उत्थान हो तो शिक्षा के प्रति जागरूक होना होने के साथ ही बच्चों को वर्तमान समय की मांग को देखते हुए शिक्षा दिलाना होगा।
मुख्य वक्ता विनय कुमार नन्द ने कहा कि शिक्षा व्यक्तियों, समुदायों और राष्ट्रों की प्रगति के लिए सबसे शक्तिशाली ताकतों में से एक है। शिक्षा केवल किताबें पढ़ने, परीक्षा पास कर सर्टिफिकेट प्राप्त करने तक सीमित नहीं होना चाहिए। शिक्षा प्राप्त करने के बाद समाजोत्थान के लिए भी कार्य करना होगा। शिक्षण के साथ प्रशिक्षण भी जरूरी है। समाज के लोगों को अपना स्वर्णिम इतिहास भी जानना होगा। स्वर्णिम इतिहास जाने बिना विचारधारा नहीं बदलती है और जब तक विचारधारा नहीं बदलेगी तब तक समाज का उत्थान नहीं हो सकता है।
प्रो0 हरिकेश प्रसाद नन्द ने कहा कि स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद शिक्षा में सुधार के लिए कई समितियां गठित हुई। सन् 1964 में गठित कोठारी समिति ने देश के चहुंमुखी विकास के लिए निःशुल्क शिक्षा और 14 वर्ष तक के बच्चों को अनिवार्य शिक्षा को अहम माना। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 1986 असमानताओं को दूर करने के लिए जाना जाता है। परंतु आज भी समाज में असमानता है। इसका उद्देश्य विशेष रूप से भारतीय महिलाओं, अनु0 जनजातियों और अनु0 जाति के समुदायों के लिए शैक्षिक अवसर की बराबरी पर विशेष जोर देना था। शिक्षा हम सभी के जीवन मंे आगे बढ़ने तथा सफलता पाने के लिए अत्यन्त ही आवश्यक है। बिना शिक्षा व शिक्षित हुए कोई भी व्यक्ति जीवन में सफल नहीं हो सकता। शिक्षा एक ऐसा हथियार है जो समाज और संसार को बदल सकता है। संस्था अपने स्थापना काल से ही शिक्षा को लेकर शिक्षा के प्रति समाज में जन-जागरूकता फैलाने हेतु निरन्तर प्रयासरत है। इसी कड़ी में प्रत्येक वर्ष प्रतिभा सम्मान समारोह का आयोजन संगठन द्वारा किया जाता है। जिससे बच्चों के अन्दर प्रतिस्पर्धा की भावना पैदा हो। कार्यक्रम का संचालन सतीश कुमार सिंह एवं प्रवीण कुमार शर्मा ने संयुक्त रूप से किया।
कार्यक्रम के अंत में जिलाध्यक्ष श्रवण कुमार नन्द ने अध्यक्षता करते हुए सभी के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर नकछेद नन्द, जय प्रकाश शर्मा, आत्मा प्रसाद शर्मा, अशोक कुमार शर्मा, चिन्तामणि शर्मा, शिवनाथ शर्मा, जितेन्द्र शर्मा पहलवान, सुनील शर्मा, बचउ नन्द, संगम ठाकुर, पे्रम नारायण नन्द, अमित शर्मा महानगर अध्यक्ष, विकास शर्मा, आशीष शर्मा, विनय शर्मा, छोटू सहारा, साधू शरण शर्मा, बैजनाथ शर्मा, सौरभ शर्मा, इं0 दीपक शर्मा, राजेश शर्मा, ओ0 पी0 नन्द, रवि शर्मा, परितोष शर्मा, विनोद शर्मा, श्रीभागवत शर्मा, रामकरन नन्द, मोनू शर्मा, प्रियम शर्मा, पुनीत शर्मा, अंकित शर्मा, रामलक्ष्मण शर्मा, अविनाश शर्मा, बीरू शर्मा समेत सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।
