*रेलवे कॉलोनी की छह चोरियों का खुलासा: बाप-बेटे गिरफ्तार, 50 लाख के जेवर और 90,500 रुपये बरामद*
गोरखपुर। शाहपुर थाना क्षेत्र की पूर्वोत्तर रेलवे कॉलोनी में अलग-अलग तिथियों में हुई चोरी की छह घटनाओं का पुलिस ने खुलासा किया है। शाहपुर पुलिस, एंटी थेफ्ट सेल नगर और सर्विलांस सेल की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए बाप-बेटे को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से करीब 50 लाख रुपये कीमत के 415 ग्राम पीली धातु के आभूषण, 1.648 किलोग्राम सफेद धातु के आभूषण और 90,500 रुपये नकद बरामद किए गए हैं।
इस कार्रवाई का खुलासा रविवार को पुलिस लाइन में आयोजित प्रेस वार्ता में एसपी क्राइम अवधेश प्रसाद सिंह ने किया।
पुलिस के अनुसार, पकड़े गए आरोपियों की पहचान रत्नेश अग्रहरी पुत्र रविन्द्र प्रसाद अग्रहरी और उसके पिता रविन्द्र प्रसाद अग्रहरी, निवासी मोहनापुर पासी टोला, पादरी बाजार, थाना शाहपुर, गोरखपुर के रूप में हुई है।
*सीसीटीवी और मुखबिर की सूचना से पुलिस पहुंची आरोपियों तक*
पूर्वोत्तर रेलवे कॉलोनी में हुई चोरी की घटनाओं के संबंध में शाहपुर थाने में छह मुकदमे दर्ज किए गए थे। घटनाओं के खुलासे के लिए शाहपुर पुलिस के साथ एंटी थेफ्ट सेल नगर और सर्विलांस सेल की टीम को लगाया गया था। टीम ने सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर की सूचना के आधार पर जांच आगे बढ़ाई और दोनों आरोपियों को चोरी के माल के साथ गिरफ्तार कर लिया।
*आभूषणों का पूरा जखीरा बरामद*
पुलिस ने आरोपियों के पास से पीली धातु के 9 अंगूठी, 2 हार, 12 झुमके, 5 मंगलसूत्र, 4 चेन, 1 मांग टीका, 4 लॉकेट, 3 नथिया, 1 कड़ा, 1 ज्योतिया, 1 माला और 1 कान की बाली बरामद की है।
वहीं सफेद धातु के 20 पायल, 1 कमरधनी, 2 चेन, 1 ब्रेसलेट, 14 बिछिया, 14 सिक्के और 2 अंगूठियां भी मिली हैं। इसके अलावा 90,500 रुपये नकद बरामद हुए हैं। पुलिस ने बरामद माल की कुल अनुमानित कीमत करीब 50 लाख रुपये बताई है।
*छह मुकदमों में बढ़ाई गईं धाराएं*
गिरफ्तारी और बरामदगी के आधार पर पुलिस ने संबंधित मुकदमों में धारा 317(2) और 317(5) बीएनएस की बढ़ोतरी की है। वहीं एक मुकदमे में धारा 331(3) बीएनएस भी दर्ज की गई है। पुलिस आरोपियों के खिलाफ अग्रिम विधिक कार्रवाई कर रही है।
इस कार्रवाई में थानाध्यक्ष अंजय कुमार सिंह के नेतृत्व में शाहपुर पुलिस, एंटी थेफ्ट सेल प्रभारी निरीक्षक सुनील कुमार राय और सर्विलांस सेल की टीम शामिल रही। टीम ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र की मदद से चोरी की घटनाओं का पर्दाफाश किया।
