सांप के पैर और मनुष्य की पूंछ उपयोग में ना रहने के कारण लुप्त हो गए- हर्ष सिन्हा।
स्थानीय जाह्नवी लॉन में गोरखपुरिया भोजपुरिया जुटान में बोलते हुए प्रोफेसर हर्ष सिन्हा ने कहा कि भोजपुरी भी उपयोग में ना लाए जाने के कारण विलुप्त हो जाएगी। हमे इसे संरक्षित करने के लिए इसको बोलना पड़ेगा और नई पीढ़ी को इसे बोलने के लिए प्रोत्साहित करना पड़ेगा।
गोरखपुरिया भोजपुरिया के संयोजक विकाश श्रीवास्तव ने कहा कि भोजपुरी भाषा हमारी मां की भाषा है इसकी मिठास का कोई सानी नहीं।
वरिष्ठ समाजसेवी विजय कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि भोजपुरी भाषा से अश्लीलता के टैग को हटाने के लिए हमे और आपको ही आगे आना पड़ेगा।
डा. ए.के. पाण्डेय ने कहा कि हमे इस भाषा से जुड़े पूर्वाग्रह गंवार की भाषा के मिथ्या को तोड़ना होगा और हमे अपनी हर पहचान के साथ भोजपुरी को जोड़ना होगा।
वरिष्ठ समाजसेवी देवेन्द्र प्रताप चन्द ने गोरखपुरिया भोजपुरिया जुटान पर खुशी व्यक्त करते हुए प्रचार प्रसार और प्रिंटिंग की जिम्मेदारी लेते हुए हुए अपनी दमदार सहभागिता को सुनिश्चित किया।
सहसंयोजक नरेन्द्र मिश्र ने बताया की जल्दी ही “हम भोजपुरिया” अभियान की शुरुआत की जाएगी जिसमें समाज के हर क्षेत्र से जुड़े लोगों को अपने कार्य क्षेत्र और कार्य स्थलों पर भोजपुरी बोलने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
इस कार्यक्रम में सुप्रसिद्ध भोजपुरी गायक मनोज मिश्र मिहिर और लोक गायिका कोमल मौर्य हिना ने अपने मधुर भोजपुरी गीतों को प्रस्तुत कर सबको मंत्रमुग्ध कर दिया। इस अवसर पर ग्रुप की सदस्या मांडवी मिश्रा और कवियत्री सरिता सिंह ने भी अपनी रचनाएं प्रस्तुत की।
गोरखपुरीय भोजपुरिया के नाम से चल रहे यू-ट्यूब चैनल के बतकही कार्यक्रम की भी चर्चा की गई जो कि धीरे धीरे काफी लोकप्रिय हो रहा है। इस जुटान में रमेश दूबे, शिशिर पाण्डेय, अभिषेक त्रिपाठी, शिव कुमार मल्ल, संजय पति त्रिपाठी, जे.डी. उपाध्याय, एस.एन. मालवीय, अरविंद कुमार गुप्ता, शिल्पा श्रीवास्तव, अनुपमा मिश्रा आदि सहित शहर के तमाम गणमान्य भोजपुरी प्रेमी उपस्थित थे।

By Minhajalisiddiquiali

गोरखपुर up53 सीएम सिटी

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