जिला विधिक सेवा प्राधिकरण संतकबीरनगर के द्वारा पीडी लाँ कालेज खलीलाबाद संतकबीर नगर में महिलाओं के यौन उत्पीडन की रोकथाम हेतु विभिन्न प्रकार के विधिक नियमों एवं कानुनों पर अतिथियो द्वारा चर्चा करते हुए छात्र छात्राओं एवं आमजनमानस को जागरूक किया गया

संत कबीर नगरl जिला विधिक सेवा प्राधिकरण संत कबीर नगर एवं पीडी लॉ कालेज के संयुक्त तत्वावधान में कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न की रोकथाम हेतु एक दिवसीय कार्यशाला एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। पीडी लॉ कालेज के सभागार में आयोजित कार्यशाला में यौन उत्पीड़न रोकथाम के संबंध में जानकारियां दी गई। जिसमें महिलाओं का कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध और प्रतितोषण) अधिनियम के अंतर्गत गठित होने वाली आंतरिक शिकायत समितियों के बारे में भी जानकारी दी गई।
इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव महेंद्र कुमार सिंह, अपर जनपद न्यायाधीश ने कानूनों की जानकारी देते हुए बताया कि यौन शोषण को रोकने के लिए कठोर कानून मौजूद है। पुरुषों एवं अन्य सहयोगी को महिलाओं से सम्मान पूर्वक वार्तालाप करना चाहिए। उनके साथ कोई भी ऐसा मजाक नहीं करना चाहिए जो उनके मन मस्तिष्क को ठेस पहुंचाए। सेक्सुअल फेवर की चाहत रखना यौन उत्पीड़न है। वर्क प्लेस या दफ्तर में महिलाओं के साथ होने वाली यौन शोषण की घटनाओं को रोकने के लिए कई कठोर कानून मौजूद हैं, जिनका महिलाओं को लाभ उठाना चाहिए।
उन्होंने बताया कि कार्यस्थल पर महिलाओं के वर्क प्लेस को सुरक्षित बनाने के लिए महिलाओं को कई अधिकार दिए गए हैं। ऐसे में अगर आप भी सेक्शुअल हैरेसमेंट का शिकार हो रहे हैं तो खुद को बचाने के लिए आप इसकी शिकायत कर सकते हैं। इसके लिए हर विभाग में इंटरनेट कंप्लेंट कमेटियां बनी होती है जहां पर पीड़ित अपनी शिकायत दर्ज करवा सकती है तथा पीड़िता उनसे मदद मांग सकती है।
पी डी लॉ कालेज के प्राचार्य डॉक्टर रमेश कुमार ने अतिथियों का स्वागत करते हुए बताया कि पुरुष और महिला को समान अधिकार हैं यदि कोई महिला गलत शिकायत भी करती है तो भी पुरुष को इंटरनल कंप्लेंट्स कमिटी में अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है। टोल फ्री हेल्पलाइन पर कॉल कर आप मदद ले सकते हैंl
बार के अध्यक्ष महीप बहादुर पाल ने बताया कि जिस कार्यस्थल पर 10 से अधिक की संख्या में लोग काम करते हैं। वहां आंतरिक शिकायत समिति का गठन जरूरी है। जहां 10 से कम हों, वहां स्थानीय शिकायत समिति बनेगी। यह जरूरी नहीं कि जहां महिला हो, वहीं समिति गठित हो। जहां पुरुष भी 10 से ज्यादा होंगे, वहां समिति का गठन जरूरी है।
विषय प्रवर्तन करते हुए सुश्री नेहा ने बताया कि महिलाओं को कार्यस्थल पर गरिमा प्रदान करने के लिए कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न की रोकथाम का प्रभावी क्रियान्वयन के लिए इस अधिनियम की जानकारी सभी महिला कर्मियों को होना अवश्य है, चाहे वे किसी भी क्षेत्र में कार्य कर रही हो। इस अधिनियम का व्यापक प्रचार-प्रसार व जागरूकता लाए जाने के प्रयोजन से ही कार्यशाला जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। यौन उत्पीड़न की रोकथाम अधिनियम का उद्देश्य कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न की घटनाओं को रोकना, उत्पीड़न की घटनाओं से निपटने व इनके समाधान और दोषी व्यक्ति को सजा दिलाने के लिए आवश्यक आवश्यक कदम उठाते हुए कार्यप्रणाली तैयार करना, कार्यस्थल पर काम का सुरक्षित वातावरण मुहैया कराना है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता विजय कुमार राय व संचालन सीमा पाण्डेय ने कियाl इसके पूर्व कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया एवं अतिथियों का स्वागत स्मृति चिन्ह, उत्तरीय प्रदान कर किया गयाl
इस अवसर पर प्रमुख रूप से प्रभादेवी स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. प्रमोद कुमार त्रिपाठी, वित्ताधिकारी रवि सिंह, राजेश कुमार पांडेय, रितेश त्रिपाठी, डॉ के एम त्रिपाठी, डॉ अमरनाथ पांडेय, विनोद मिश्रा, नवनीत मिश्र, श्री कृष्ण पाण्डेय, नीलम पाण्डेय, तृप्ति त्रिपाठी, अपर्णा चतुर्वेदी, सुषमा श्रीवास्तव, संदीप पांडेय, नेहा मिश्रा, ममता शुक्ला, नीरज राव, पीएन विश्वकर्मा मनीष कुमार, दीपक कुमार सिंह, आनवी सहित अनेक लोग उपस्थित रहेl

By Minhajalisiddiquiali

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