भोजन की थाली में अगर जंकफूड की भरमार हो जाए तो सेहत पर पड़ता है गंभीर असर। यही बात लागू होती है घंटों स्मार्टफोन की स्क्रीन स्क्रॉल करने की आदत पर। कंटेंट नुमा जंकफूड आपको डिजिटल ओबेसिटी का शिकार बना सकता है। इन दिनों कई लोग अपने लगातार बढ़ते वजन से परेशान हैं। खाने-पीने के अलावा घंटों मोबाइल स्क्रॉल करने से भी मोटापा होता है। इसे Digital Obesity कहा जाता है, जो हानिकारक हो सकता है।

GORAKHPUR:- लोग गौरव को फूडी कहते हैं। भारी-भरकम शरीर और चेहरे पर लंबी मुस्कान। उन्हें मलाल है कि कुछ नया खाना ट्राई करते रहने की बुरी आदत न होती तो आज उनका वजन भी नियंत्रण में रहता। पर अब न जिम काम आ रहा है और न वजन कम करने वाला कोई प्रेरक वीडियो। अगर घंटों मोबाइल, लैपटाप के साथ आपका समय गुजरता रहता है। कुछ लुभावनी तस्वीरें, वीडियो की शक्ल में कुछ चटपटे या मसालेदार कंटेट के रूप में पेश की गई डिश को भी अगर आप किसी फेवरेट स्नैक की तरह लगातार ट्राई कर रहे हैं तो सावधान, आप पर मंडरा रहा है कंटेंट ओबेसिटी का खतरा।

आटो मोड पर सब नूडल्स, पास्ता या डिब्बाबंद खाना इसके शौकीनों को तुरंत लुभा लेता है। यह जानते हुए भी कि यह सेहत के लिए अच्छा नहीं, वे इन्हें दिन के किसी भी समय में खा सकते हैं। इंटरनेट प्लेटफॉर्म पर परोसा जाने वाला कंटेंट भी जंकफूड की तरह लोगों को भा रहा है। दिन के किसी भी प्रहर में लोग घंटों उनका सेवन कर रहे हैं। इससे रोजमर्रा की तनाव देने वाली गतिविधियों से तनिक देर के लिए छुटकारा तो मिल सकता है, पर उसमें मौजूद ज्ञानविहीन तत्व की मोटी खुराक कंटेंट ओबेसिटी का शिकार बनाने के लिए काफी है। दरअसल, इंटरनेट प्लेटफॉर्म को ऐसे तैयार किया गया है कि आप देर तक उसमें फंसे रहें, स्क्राल करते रहें। कुछ नया दिख जाए तो यह आपको आगे कुछ और नया पाने के लिए भी उकसाता है।

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