गोरखपुर । भटहट ब्लाक की शिक्षामित्र प्रियंका सिंह (44 वर्ष ) प्राथमिक विद्यालय बैलों, क्षेत्र भटहट,जनपद गोरखपुर में शिक्षामित्र के पद पर कार्यरत थी जो आर्थिक तंगी से बीमार,अच्छी दवा के अभाव में इलाज न होने व सरकार की गलत नीतियों से आहत होकर मेडिकल कॉलेज गोरखपुर में आज दिनांक 3 अक्टूबर 2024 को रात्रि लगभग 2:00 बजे काल के गाल में समा गई (मृत्यु हो गई)।
अपने पीछे दो पुत्र अजय कुमार सिंह (25 वर्ष) तथा सुजीत कुमार सिंह (23 वर्ष) तथा पति योगेन्द्र सिंह जी को अपने पीछे छोड़ गई ।
25 जुलाई 2017 को माननीय सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षामित्रों का सहायक अध्यापक के पद पर हुए समायोजन को रद्द किया और अवसाद में आकर पूरे प्रदेश में लगभग 15000 शिक्षामित्र की असमय मृत्यु हो गई और जनपद गोरखपुर में भी लगभग डेढ़ दर्जन शिक्षामित्र कि अवसाद में मौत हो चुकी है ऐसा शिक्षामित्र संगठन का दावा है । उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ ने शिक्षामित्रों को हक दिलाने के लिए लगातार संघर्ष कर रहा है अभी विगत दिनों लखनऊ के ईकोगार्डेन में विशाल धरना प्रदर्शन किया और शासन स्तर से आश्वासन मिला की बहुत जल्द माननीय मुख्यमंत्री जी से मुलाकात कराई जाएगी और शिक्षामित्रोन को कैसे सम्मान मिले इसके लिए उचित कदम उठाए जाने का भरोसा दिलाया गया । इस दौरान उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के पदाधिकारी व ब्लाक व जनपद के शिक्षामित्रों ने मृतक शिक्षामित्र प्रियंका सिंह को श्रद्धांजलि देकर ईश्वर से उनकी आत्मा की शांति प्रदान करने तथा परिवार को इस संकट की घड़ी में दुःख सहने की शक्ति देने की कामना की है ।
इस दुख की घड़ी में उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ ब्लॉक इकाई भटहट एवं जिला इकाई गोरखपुर की तरफ से प्रियंका सिंह के परिवार को इस अपार दुःख की घड़ी में संवेदना व्यक्त की है।
मृतक शिक्षामित्र प्रियंका सिंह प्राथमिक विद्यालय बैलों का दाह संस्कार गोरखपुर राजघाट मुक्ति धाम पर किया गया । यह जानकारी शिक्षामित्र संघ के ब्लाक अध्यक्ष अशोक चंद्रा ने सोशलमीडिया के माध्यम से एक विज्ञप्ति के जरिए दी ।
अंतिम संस्कार में बैलो के प्र०अ० मनोज सिंह , गणेश सिंह , अनिल कुमार, भटहट के पूर्व पिला पंचायत सदस्य अजय कुमार सिंह उर्फ गुड्डू भईया , दीनानाथ सिंह , अशोक कुमार चंद्रा,राजेश कुमार गौड़ , रामनन्द राव , प्रमोद कुमार शर्मा , नरसिंह प्रजापति , प्रदीप सिंह सहित सैकड़ो लोग उपस्थित रहे ।

