पांच वर्ष की आयु से ही धार्मिक कथा का वाचन, छह वर्ष की आयु से मिली लोकप्रियता: विश्व की सबसे कम आयु की बाल व्यास श्वेतिमा माधव प्रिया का दिव्य प्रवचन
सूरत : राम रामेश्वर मंदिर, सचिन, सूरत में श्रीमद्भागवत कथा साप्ताहिक ज्ञान यज्ञ के चतुर्थ दिवस पर भव्य श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मनाया गया। इस पावन अवसर पर विश्व की सबसे कम आयु की अंतर्राष्ट्रीय बाल व्यास एवं श्रीमद्भागवत कथा वाचिका, साध्वी श्वेतिमा माधव प्रिया, जिन्होंने मात्र पांच वर्ष की आयु से ही धार्मिक कथाओं का वाचन प्रारंभ किया और छह वर्ष की आयु से लोकप्रियता प्राप्त की, ने अपने दिव्य प्रवचन से श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया।
धार्मिक विरासत और परिवारिक पृष्ठभूमि
गोरक्ष धाम अंतर्गत ग्राम भस्मा निवासिनी, विश्वस्तरीय व्यक्तित्व, समाजसेवी, देहदानी, प्रमुख धरा धाम इंटरनेशनल सौहार्द शिरोमणि संत डॉ. सौरभ पाण्डेय जी महाराज एवं देहदानी डॉ. रागिनी पाण्डेय की पुत्री श्वेतिमा माधव प्रिया ने छोटी उम्र से ही आध्यात्मिक यात्रा की शुरुआत की। उनके परिवार का जीवन सर्वधर्म सद्भाव, सामाजिक सेवा और आध्यात्मिक उन्नति को समर्पित रहा है, जिसका प्रभाव उनकी वाणी और प्रवचनों में स्पष्ट रूप से परिलक्षित होता है।
बाल्यकाल में ही श्रीमद्भागवत के प्रति गहरी आस्था
श्वेतिमा माधव प्रिया मात्र 8 वर्ष की आयु में श्रीमद्भागवत कथा की अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर व्याख्या कर रही हैं। वे श्रीमद्भागवत महापुराण, श्रीरामचरितमानस और वेद-पुराणों का गहन अध्ययन कर चुकी हैं और अपने प्रवचनों में गूढ़ आध्यात्मिक विषयों को सरल व सहज भाषा में प्रस्तुत करती हैं।
उनकी वाणी में बाल्यकाल की मधुरता और विद्वत्ता का अनोखा संगम है। उनके प्रवचनों में संस्कृत श्लोकों का सटीक उच्चारण और कथा के भीतर छिपे गूढ़ रहस्यों की सुंदर व्याख्या होती है, जिससे श्रोता भक्ति रस में डूब जाते हैं।
भक्ति का उमड़ा सागर, गूंजे जयकारे
कथा के दौरान “नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की” के जयघोष से पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय हो उठा। श्वेतिमा माधव प्रिया ने बाल कृष्ण की लीलाओं, जैसे पूतना वध, माखन चोरी, शकटासुर मोचन का भावपूर्ण वर्णन किया और बताया कि ये केवल बाल लीलाएँ नहीं, बल्कि जीवन में धर्म, सत्य और कर्तव्य के संदेश देने वाले प्रसंग हैं।
विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति
इस दिव्य आयोजन का सफल संचालन सामाजिक समरसता संस्था के अध्यक्ष राहुल सिंह एवं श्रुति सिंह के मार्गदर्शन में हुआ। कथा के समापन पर आरती एवं महाप्रसाद वितरण हुआ, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
इस अवसर पर ई. राहुल सिंह, श्रुति सिंह, डॉ. डी. आर. रेवाला, सुशील सिंह, डॉ. ए. के. सिंह, संदीप दीक्षित, कौशल दुबे, जितेंद्र सिंह, जगदीश सहानी, मिथलेश जी, राजमनी पाण्डेय, राकेश भाई शर्मा, अखिलेश शर्मा, प्रकाश भाई, विजय शर्मा, लाल बाबू शर्मा, आचार्य गौरव पाण्डेय, मदन मोहन मालवीय, डॉ. रागिनी पाण्डेय, शुभम सिंह, जितेंद्र, कृष्णा सिंह, राम आशीष पाण्डेय, प्रदीप पाण्डेय, दीप नारायण सहित हजारों श्रद्धालु उपस्थित रहे।
धर्म और समाज के लिए नई प्रेरणा
कथा समिति ने कहा कि यह आयोजन समाज में भक्ति, प्रेम और नैतिकता को बढ़ावा देने का माध्यम बनेगा।
श्वेतिमा माधव प्रिया न केवल भारत, बल्कि विदेशों में भी अपनी आध्यात्मिक प्रतिभा से लोगों को प्रेरित कर रही हैं। उनके प्रवचन युवा पीढ़ी के लिए धार्मिक और नैतिक मूल्यों को आत्मसात करने की प्रेरणा देते हैं।
