अपने बच्चों को पैगंबर-ए-इस्लाम की सीरत बताएं : कारी अनस रजवीचिलमापुर में हुई ईद मिलादुन्नबी संगोष्ठी

गोरखपुर। न्यू कॉलोनी चिलमापुर में ईद मिलादुन्नबी संगोष्ठी का आयोजन हुआ। कुरआन-ए-पाक की तिलावत हाफिज रहमत अली निजामी ने की। नात-ए-पाक सद्दाम हुसैन ने पेश की।

मुख्य वक्ता कारी मुहम्मद अनस रजवी ने कहा कि जब तक हम खुद नहीं बदलेंगे तब तक हमारे हालात नहीं बदलने वाले। लिहाजा हमें प्रकाश के उस अजीम मरकज पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की जात से खुद को जोड़ना होगा। सहाबा किराम वाला दीनी जज्बा पैदा करना होगा। कुरआन-ए-पाक व हदीस-ए-पाक पर मुकम्मल अमल करना होगा। इल्म हासिल करना होगा। बुराईयों से दूरी अख्तियार करनी होगी। दूसरों के दुख दर्द में शरीक होना होगा। सुन्नत पर चलना होगा। फर्ज की वक्तों पर अदायगी करनी होगी। तब जाकर हमारा भविष्य प्रकाशमय होगा।

उन्होंने कहा कि पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम पूरी दुनिया के लिए आइडियल हैं। अल्लाह ने अपने प्यारे महबूब हजरत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम को सारे आलम के लिए रहमत बना कर भेजा। आपका एक-एक पैगाम दुनिया वालों के लिए सबक है। पैगंबर-ए-इस्लाम ने अपने किरदार व अख्लाक से सभी का दिल जीत लिया। पैगंबर-ए-इस्लाम ने लोगों को उम्दा अख्लाक व मुहब्बत का पैगाम दिया। मुसलमानों के लिए यह जरूरी है कि वह पैगंबर-ए-इस्लाम के हुक्म को मानें। पैगंबर-ए-इस्लाम के वफादार बनें। नाम के नहीं अमल व किरदार से भी मुसलमान बनें। मुसलमानों को पैगंबर-ए-इस्लाम के बताए रास्ते पर चलना चाहिए। बुराई को छोड़ना चाहिए। अच्छाई को अपनाना चाहिए। अपने बच्चों को हर हाल में पैगंबर-ए-इस्लाम की सीरत बताएं।

अंत में दरूदो सलाम पढ़कर देश की तरक्की, अमन, मुहब्बत व भाईचारे की दुआ मांगी गई। संगोष्ठी में  अब्दुल अहद, सलमान, पप्पू, इमरान, औसाफ, खालिद, समीर, सोनू सहित तमाम लोग मौजूद रहे।
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By Minhajalisiddiquiali

गोरखपुर up53 सीएम सिटी

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