*‘‘नौ माह से पांच साल तक बच्चों के लिए नौ बार विटामिन ए की खुराक अनिवार्य’’*

जिले में शुरू हुआ बाल स्वास्थ्य पोषण माह, करीब 5.82 लाख बच्चों को विटामिन ए की दवा पिलाने का लक्ष्य

नियमित टीकाकरण सत्र स्थल पर ही दी जाएगी विटामिन ए की खुराक

*गोरखपुर।* जिले में बाल स्वास्थ्य पोषण माह की शुरूआत हो गई है। इसके तहत एक माह के दौरान तक 5.82 लाख बच्चों को विटामिन ए की दवा पिलाई जाएगी। अभियान का शुभारंभ महापौर डॉ मंगलेश श्रीवास्तव, सीएमओ डॉ राजेश झा और  जिला महिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ जय कुमार ने सोमवार को जिला महिला अस्पताल से बच्चों को दवा पिला कर किया। एक माह के इस अभियान में नियमित टीकाकरण सत्र स्थल पर ही बच्चों को विटामिन ए की दवा पिलाई जाएगी।

इस अवसर पर महापौर डॉ मंगलेश श्रीवास्तव ने बताया कि नौ माह से पांच साल तक के बच्चों को कुल नौ बार विटामिन ए की खुराक लेना अनिवार्य है। इसकी पहली खुराक नौ से बारह माह की उम्र में एमआर टीके के प्रथम डोज के साथ आधा चम्मच दी जाती है। दूसरी खुराक सोलह से चौबीस माह की उम्र के बीच एक पूरा चम्मच एमआर टीके के दूसरी डोज के साथ दी जाती है । साथ ही दो वर्ष से पांच वर्ष की उम्र तक के बच्चों को हर छह माह पर पूरा चम्मच दवा पिलाना अनिवार्य है। एक पूरा चम्मच दो मिलीलीटर का होता है, जबकि आधा चम्मच एक मिलीलीटर का होता है।


मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ राजेश झा ने इस अवसर पर बताया कि विटामिन ए की खुराक बच्चों को कुपोषण, मिजल्स, डायरिया और रतौंधी से बचाती है । यह बच्चे के विकास में मददगार है। इसके सेवन से निमोनिया और डायरिया का खतरा कम हो जाता है। शरीर में विटामिन ए की कमी से रोग प्रतिरोधक क्षमता घटती है। आंख कमजोर होने की आशंका होती है। इसकी कमी से बच्चे के शरीर बढ़ने में भी रुकावट आ सकती है। बच्चे को कमजोरी महसूस होती है। मीजल्स होने की स्थिति में यह दवा मृत्यु दर और जटिलता को कम करती है।

जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ नंदलाल कुशवाहा ने बताया कि प्रत्येक बुधवार और शनिवार को नियमित टीकाकरण और छाया एकीकृत ग्राम स्वास्थ्य स्वच्छता व पोषण दिवस के सत्र स्थल पर बच्चों को विटामिन ए की खुराक दी जाएगी । आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ऐसे बच्चों को उनके अभिभावकों के साथ सत्र स्थल पर लेकर आएंगी। हर छह माह पर बच्चों को दवा पिलाई जा सके, इसी वजह से यह अभियान प्रत्येक छह माह के अंतराल पर चलाया जाता है।

इस अवसर एसीएमओ आरसीएच डॉ एके चौधरी, डीडीएचईआईओ सुनीता पटेल, सहायक शोध अधिकारी अजीत सिंह, उपेंद्र त्रिपाठी सहित सभी सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधिगण और स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे।


*यह है लक्ष्य*

सीएमओ ने बताया कि नौ माह से एक वर्ष तक के 66000, एक वर्ष से दो वर्ष तक के एक लाख पचीस हजार और दो वर्ष से पांच वर्ष तक के तीन लाख इक्यानवे हजार बच्चों को इस साल एक माह में दवा पिलाने का लक्ष्य है। यह अभियान चौबीस जनवरी तक चलेगा।

By Minhajalisiddiquiali

गोरखपुर up53 सीएम सिटी

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