गोरखपुर । माह-ए-रमज़ान का पवित्र महीना शुरू हो चुका बड़ो के साथ साथ नन्हें रोज़ेदारों के भी हौसले बुलंद हैं।
गोरखपुर के थाना रामगढ़ताल बड़गो निवासी अजमेर अली सिद्दीकी (सरकारी टीचर ) माता शाहिना खातून की 11 वर्षीय इकलौती बेटी सिदरा सिद्दीकी जो क्लास पांच कार्मल गर्ल्स इंटर कालेज गोरखपुर मे पड़ती है l मुकद्दस माह-ए-रमजान के 12वे दिन सोमवार को पहला रोजा रखने की अपने अम्मी अब्बू से इच्छा जताई । माता पिता ने बेटी को समझाया, कि अभी छोटी हो न रहो लेकिन बेटी सिदरा सिद्दीकी रोजा
रखने की अपनी जिद पर अड़ी रही। बेटी की जिद के आगे माता पिता ने रोजा रखने की इजाजत दे दी। उन्होंने माता पिता के साथ सेहरी कर रोजा रखा। पहला रोजा रखने से बच्ची के चेहरे पर भूख प्यास का असर साफ दिखाई दिया, लेकिन सिदरा कहती थी मुझे भूख प्यास कुछ भी नहीं लगा है।प्यारी
बेटी सिदरा सिद्दीकी ने रमजान के सोमवार को पहला अपना रोजा पूरी किया । मां ने भी बेटी की अफ्तारी के लिए विशेष पकवान बनाए और सभी परिजनों ने रोजा साथ में अफ्तार किया। बच्ची के रोजा रखने से पूरे परिवार में खुशी का माहौल बना रहा और बेटी भी रोजा रखकर खुश दिखाई दी, घर वालों नें सिदरा सिद्दीकी को फूलों का माला पहनाकर उसकी हौसला अफ़ज़ाई की। माह-ए-रमजान में रोजा, सिर्फ खाने पीने से रुकने का नाम नहीं है, बल्कि वह जिस्मानी, रूहानी और समाजी दुरुस्तगी और इंसानी हमदर्दी, अखलाक और मुहब्बत को बढ़ावा देता है और कुदरत के नेअमतों का अंदाजा होता है।
वहीं नन्हीं परी रोजेदार सिदरा सिद्दीकी को माह-ए-रमजान का पहला रोजा रखने पर माता-पिता सहित एडवोकेट मिन्हाज,मेराज,मंजर, मासूम, अकरम, इंजमाम, आसीम, अर्श, समीम,मोहसिन और घरवालों, रिश्तेदार, गांव वालों एवं क्षेत्रवासियों ने बधाई एवं शुभकामनाएं दी है।



