गोरखपुर lमुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में दिनांक 30 मार्च 2026 को जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसमें स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की समीक्षा की गई। बैठक में निर्देश दिया गया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र (CHC) एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र (PHC) स्तर पर उपलब्ध न होने वाली जांचों के नमूनों को सैंपल ट्रांसपोर्टेशन व्यवस्था के माध्यम से उच्च संस्थानों तक भेजकर अधिक से अधिक लोगों को जांच की सुविधा उपलब्ध कराई जाए। साथ ही एम्बुलेंस सेवाओं को सुदृढ़ एवं सुचारु बनाए रखने के निर्देश दिए गए, ताकि मरीजों को समय पर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।
मुख्य विकास अधिकारी ने निर्देशित किया कि सभी अधिकारी एवं कर्मचारी चिकित्सालयों में नियमित रूप से उपस्थित रहें तथा अस्पतालों के रखरखाव एवं साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दें। जननी सुरक्षा योजना के अंतर्गत अधिक से अधिक प्रसव सरकारी स्वास्थ्य इकाइयों पर कराए जाएं तथा ऑपरेशन थिएटर एवं प्रसव कक्षों में संक्रमण से बचाव के सभी प्रोटोकॉल का पालन सुनिश्चित किया जाए। इसके अतिरिक्त अधिक से अधिक लोगों का आभा आईडी एवं आयुष्मान कार्ड बनाया जाए तथा सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं। टेली कंसल्टेशन के माध्यम से अधिक से अधिक मरीजों को विशेषज्ञ परामर्श का लाभ पहुंचाने के भी निर्देश दिए गए।
बैठक में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत चिन्हित बच्चों को सक्षम स्तर पर उपचार हेतु भेजने के निर्देश दिए गए। साथ ही 1 अप्रैल से प्रारंभ होने वाले संचारी रोग नियंत्रण एवं दस्तक अभियान को शासन के निर्देशों के अनुरूप पूर्ण तैयारी के साथ संचालित करने पर जोर दिया गया। जनपद गोरखपुर में पुरदिलपुर में दूसरे सिटी पॉली क्लीनिक के प्रारंभ होने पर संबंधित टीम को बधाई दी गई तथा यूपी हेल्थ डैशबोर्ड में जनपद के छठवें स्थान पर रहने पर संतोष व्यक्त करते हुए इसे और बेहतर करने के निर्देश दिए गए। वित्तीय वर्ष की समाप्ति को देखते हुए प्राप्त समस्त धनराशि का नियमानुसार समय से व्यय सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए।
बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी गोरखपुर, प्रमुख अधीक्षक जिला चिकित्सालय एवं जिला महिला चिकित्सालय, समस्त अधीक्षक, जिला कार्यक्रम अधिकारी आईसीडीएस, एवं प्रभारी चिकित्सा अधिकारी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक (एनएचएम), सभी कंसल्टेंट, बीपीएम तथा विभिन्न सहयोगी संस्थाओं के प्रतिन
