गोरखपुर इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में अभियंत्रण स्नातक परीक्षा परिणामों में सामने आई गंभीर अनियमितताओं, विद्यार्थियों पर बढ़ते मानसिक दबाव तथा छात्र घनेंद्र चौधरी के दुखद निधन को लेकर आज विद्यार्थियों द्वारा जोरदार एवं उग्र विरोध प्रदर्शन किया गया।

यह आंदोलन प्रातः लगभग ग्यारह बजे प्रारम्भ हुआ, जो सायंकाल छह बजे के बाद तक चलता रहा। लंबे समय तक चले इस प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में विद्यार्थी परिसर में उपस्थित रहे तथा अपनी मांगों को लेकर लगातार आवाज उठाते रहे। प्रदर्शन अत्यंत उग्र व अहिंसात्मक, संयमित व शांतिपूर्ण रहा ।

विद्यार्थियों का कहना है कि आंदोलन के दौरान काफी समय तक विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कोई भी जिम्मेदार अधिकारी छात्रों से मिलने नहीं आया, जिससे विद्यार्थियों में निराशा एवं आक्रोश और अधिक बढ़ गया।

विद्यार्थियों के अनुसार कुलपति भी छात्रों से मिलने नहीं पहुँचीं। लंबे इंतजार एवं लगातार प्रदर्शन के बाद अंततः अन्य प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से केवल आश्वासन दिया गया। विद्यार्थियों का कहना है कि उन्हें ठोस समाधान, स्पष्ट उत्तर एवं समयबद्ध कार्यवाही की अपेक्षा थी।

पिछले लगभग चालीस से अधिक दिनों से बड़ी संख्या में विद्यार्थी परीक्षा परिणामों में त्रुटियों की शिकायत कर रहे हैं। विद्यार्थियों के अनुसार अनेक छात्रों को परीक्षा देने के बावजूद अनुपस्थित दर्शाया गया, कई विद्यार्थियों को असामान्य रूप से अत्यंत कम अंक एवं अनुचित अनुत्तीर्ण विषय दिए गए तथा श्रेणी बिंदु में गंभीर विसंगतियाँ देखने को मिलीं। इसी क्रम में छात्र घनेंद्र चौधरी को मात्र शून्य दशमलव छियासी श्रेणी बिंदु प्रदान किया गया था, जिसे छात्र समुदाय ने अत्यंत असामान्य एवं संभावित मूल्यांकन त्रुटि बताया है।

प्रदर्शन के दौरान विद्यार्थियों द्वारा विशेष रूप से राजीव रंजन त्रिपाठी, संगणक विज्ञान विभागाध्यक्ष, आनंद सिंह तथा अन्य जिम्मेदार संबंधित अधिकारियों एवं संकाय सदस्यों के विरुद्ध निष्पक्ष जाँच एवं कठोर कार्यवाही की मांग उठाई गई। विद्यार्थियों ने मांग की कि जाँच प्रक्रिया पूर्ण होने तक संगणक विज्ञान विभागाध्यक्ष राजीव रंजन त्रिपाठी को उनके पद से तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाए।

विद्यार्थियों द्वारा उठाए गए मुद्दों को संज्ञान में लेते हुए मामले की जाँच हेतु एक समिति गठित किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। छात्र समुदाय ने मांग की है कि यह जाँच पूर्णतः निष्पक्ष, पारदर्शी एवं समयबद्ध हो तथा दोषी पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।

विद्यार्थियों की मुख्य मांगें निम्न हैं—

  • विवादित परिणामों की तत्काल एवं पारदर्शी पुनः जाँच
  • मूल्यांकन प्रक्रिया की निष्पक्ष समीक्षा
  • गलत अंकन एवं तकनीकी त्रुटियों की जाँच
  • जिम्मेदार अधिकारियों एवं संबंधित संकाय सदस्यों पर कठोर कार्यवाही
  • जाँच पूर्ण होने तक संगणक विज्ञान विभागाध्यक्ष को पद से निलंबित किया जाए
  • विद्यार्थियों के लिए प्रभावी शिकायत निवारण व्यवस्था
  • मानसिक स्वास्थ्य सहायता उपलब्ध कराई जाए
  • छात्र घनेंद्र चौधरी को न्याय दिया जाए

विद्यार्थियों ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन विद्यार्थियों के भविष्य, मानसिक स्वास्थ्य एवं शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग को लेकर किया गया है। विद्यार्थियों ने प्रशासन से इस पूरे मामले में शीघ्र ठोस एवं निष्पक्ष कार्यवाही करने की मांग की है।

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