*सातवें गद्दी नशीन सैय्यद अयान अली शाह उर्फ़ मियाँ साहब का हुआ भव्य स्वागत*
गोरखपुर इमामबाड़ा स्टेट के सातवें गद्दी नशीन सैय्यद अयान अली शाह को सनराईज़ एजुकेशनल एंड वेलफेयर एसोसिएशन (सेवा) एवं गायत्री परिवार के संयुक्त तत्वाधान में माला, शाल, अंग वस्त्र एवं बुके गिफ्ट करके मुबारकबाद पेश किया गया। एशिया महाद्वीप में एकमात्र सुन्नियों का सबसे बड़ा इमामबाड़ा जो अपनी सामाजिक विरासत को 350 सालों से सजोये हुए है। एक ऐसी विरासत जहां पर सभी धर्म, जाति और मजहब के लोगों की समस्याओं का समाधान किया जाता है। सेवा के संस्थापक डॉ. मोहम्मद आकिब अंसारी ने बताया कि 17वीं सदी के इस इमामबाड़े की स्थापना सूफी संत हजरत सैयद रोशन अली शाह ने 1717 ईस्वी में की थी। नवाब आसिफ-उद-दौला ने इसे 1796 में विस्तृत रूप दिया। यह दुनिया का एकमात्र ऐसा ही मन बड़ा है जहां पर सोने और चांदी की ताजिया मौजूद है जिसको आसिफ – उद – दौला ने भेंट में दिया था। सूफी संत की विरासत के रूप में यहाँ पिछले 300 वर्षों से अखंड धूनी (पवित्र अग्नि) वर्तमान में भी लगातार जल रही है। गायत्री परिवार के मुख्य ट्रस्टी डॉक्टर दीनानंद सिंह जी ने बताया कि युवा मियां साहब की गद्दी नशीन होने के बाद एक युवा सोच को बल मिलेगा। हिंदू मुस्लिम एकता का प्रतीक इमामबाड़े स्टेट से आज की युवा पीढ़ी के अंदर एक क्रांतिकारी जज्बा पैदा होगा। माध्यमिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश के सदस्य डॉक्टर एहसान अहमद ने बताया कि नये गद्दी नशीन की युवा सोच से शैक्षणिक, सामाजिक और नैतिक जिम्मेदारियां को बल मिलते हुए शिक्षा के क्षेत्र में एक नया आयाम बहुत जल्द देखने को मिलेगा जिसके लिए मैं अपने संस्था की जानिब से मियां साहब की पूरी टीम को मुबारकबाद पेश करता हूं। कार्यक्रम के इस अवसर पर पूर्व पार्षद प्रत्याशी इंजीनियर अनस, गायत्री परिवार के युवा क्रांतिकारी समाजसेवी राज कौशिक, मोती महल के प्रोपराइटर मकसूद अली, युवा स्कॉलर सुशील सिंह, युवा समाजसेवी मुनाजिर हसन, युवा समाजसेवी रहमत अली आदि लोग उपस्थित थे।



