गोरखपुर की बेटी श्वेतिमा माधव प्रिया ने रचा इतिहास, विश्व रिकॉर्ड में दर्ज हुआ नाम
एशिया बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स ने विश्व की सबसे कम आयु की अंतर्राष्ट्रीय बाल भागवत कथा वाचिका के रूप में किया सम्मानित
6 वर्ष की आयु से ही कथा वाचन और आध्यात्मिक सत्संग के माध्यम से समाज में संस्कारों का संदेश दे रही हैं श्वेतिमा माधव प्रिया
गोरखपुर (बेलीपार)। बेलीपार क्षेत्र के ग्राम भस्मा की निवासी एवं अंतर्राष्ट्रीय बाल व्यास श्वेतिमा माधव प्रिया ने अपनी विलक्षण आध्यात्मिक प्रतिभा के बल पर विश्व स्तर पर नया इतिहास रच दिया है। एशिया बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स ने उन्हें विश्व की सबसे कम आयु की अंतर्राष्ट्रीय बाल भागवत कथा वाचिका के रूप में आधिकारिक मान्यता प्रदान करते हुए उनका नाम विश्व रिकॉर्ड में दर्ज किया है। संस्था द्वारा जारी प्रमाणपत्र के साथ उन्हें विश्व रिकॉर्ड धारक घोषित किया गया है। इस उपलब्धि से गोरखपुर ही नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश और पूरे देश में हर्ष का वातावरण है।
श्वेतिमा माधव प्रिया ने मात्र छह वर्ष की आयु से श्रीमद्भागवत कथा वाचन एवं आध्यात्मिक सत्संग का शुभारंभ किया। अपनी विलक्षण स्मरण शक्ति, शास्त्रों के गहन अध्ययन, मधुर वाणी और प्रभावशाली प्रस्तुति के बल पर उन्होंने अल्प समय में ही देश-विदेश के धार्मिक मंचों पर विशिष्ट पहचान बनाई। एशिया बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के अनुसार उन्होंने अब तक 36 श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह तथा 100 से अधिक धार्मिक, आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों में कथा वाचन कर सनातन संस्कृति, भारतीय आध्यात्मिक परंपरा, मानवता, नैतिक मूल्यों, विश्व शांति एवं ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ का संदेश जन-जन तक पहुँचाया है। उनके इसी उल्लेखनीय योगदान को देखते हुए उन्हें यह अंतरराष्ट्रीय सम्मान प्रदान किया गया।
श्वेतिमा माधव प्रिया सौहार्द शिरोमणि संत डॉ. सौरभ पाण्डेय एवं देहदानी डॉ. रागिनी पाण्डेय की सुपुत्री हैं। उनकी इस उपलब्धि पर संत-महात्माओं, शिक्षाविदों, सामाजिक संगठनों एवं क्षेत्रवासियों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे गोरखपुर, उत्तर प्रदेश और पूरे देश के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया। लोगों ने कहा कि श्वेतिमा की सफलता भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक परंपरा और संस्कारों की वैश्विक प्रतिष्ठा का प्रतीक है। सभी ने विश्वास व्यक्त किया कि वह भविष्य में भी अपनी आध्यात्मिक प्रतिभा और कथा वाचन के माध्यम से भारतीय संस्कृति का गौरव विश्वभर में बढ़ाती रहेंगी।

