गोरखपुर। बच्चों में रचनात्मकता, कला के प्रति रुचि और आत्मविश्वास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से युथ स्ट्रेंथ सोसाइटी एवं डॉ. इक़बाल एजुकेशनल एण्ड रिसर्च फाउंडेशन, गोरखपुर के तत्वावधान में रविवार को एम.एस.आई. इंटर कॉलेज, बक्शीपुर में कला प्रतियोगिता-2026 का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में विभिन्न विद्यालयों कक्षा 1 से 8 तक के लगभग 450 छात्र-छात्राओं ने पूरे उत्साह और जोश के साथ प्रतिभाग किया। इस प्रतियोगिता को अयोजित करने में अल हम्द टूर एण्ड ट्रेवल्स एवं अल हम्द डेट्स का भरपूर सहयोग प्राप्त रहा।प्रतियोगिता के दौरान बच्चों ने अपनी कल्पनाशीलता और कलात्मक प्रतिभा को चित्रों के माध्यम से प्रस्तुत किया। प्रतिभागियों ने विभिन्न विषयों पर आकर्षक एवं संदेशपरक चित्र बनाकर अपनी रचनात्मक क्षमता का परिचय दिया। प्रतियोगिता को लेकर छात्र-छात्राओं में खासा उत्साह देखने को मिला।इस अवसर पर डॉ. इक़बाल एजुकेशनल एण्ड रिसर्च फाउंडेशन के प्रबंधक मोहम्मद राफे ने कहा कि कला बच्चों की कल्पनाशक्ति और व्यक्तित्व विकास का महत्वपूर्ण माध्यम है। इस तरह की प्रतियोगिताओं से बच्चों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के साथ-साथ आत्मविश्वास बढ़ाने का अवसर मिलता है। उन्होंने कहा कि संस्था का प्रयास है कि शिक्षा के साथ बच्चों की रचनात्मक एवं सामाजिक प्रतिभाओं को भी प्रोत्साहित किया जाए।
वहीं युथ स्ट्रेंथ सोसाइटी के संस्थापक अबुजर मोहसिन ने प्रतियोगिता के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बच्चों के अंदर छिपी प्रतिभा को पहचानना और उन्हें उचित मंच प्रदान करना इस आयोजन का प्रमुख उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि कला के माध्यम से बच्चों में सकारात्मक सोच, कल्पनाशीलता और सामाजिक सरोकारों की भावना विकसित की जा सकती है।
प्रतियोगिता में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं की भागीदारी ने आयोजन को सफल बनाया। आयोजकों ने प्रतिभागी बच्चों, अभिभावकों एवं विद्यालय प्रबंधन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी इस प्रकार के रचनात्मक कार्यक्रम आयोजित करने की बात कही।
इस अवसर पर डॉ एहसान अहमद, मुहम्मद आकिब, मोहम्मद तारिक, सुनील कुमार श्रीवास्तव, एडवोकेट महमूदुर्रहमान, एडवोकेट मोहम्मद आसिम, एडवोकेट नईमा निगार, नाजिया निगार, एडवोकेट अदीला खातून आदि विशेष रूप से उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Discover more from Arushan News

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading