NPS और UPS दोनों का पूर्ण बहिष्कार, कर्मचारियों को केवल पुरानी पेंशन (OPS) ही मंजूर- सौरभ
गोरखपुर राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद गोरखपुर की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता परिषद के जिलाध्यक्ष रूपेश कुमार श्रीवास्तव ने की। बैठक में केंद्र व राज्य सरकार द्वारा कर्मचारियों पर थोपी जा रही पेंशन नीतियों और कर्मचारी संगठनों में फूट डालने की कोशिशों पर गहरा रोष व्यक्त किया गया।
बैठक को संबोधित करते हुए परिषद के जिलाध्यक्ष रूपेश कुमार श्रीवास्तव ने सभी प्रांतीय एवं केंद्रीय कर्मचारी संगठनों व उनके नेतृत्वकर्ताओं को आगाह और अपील करते हुए कहा कि
सरकार कर्मचारियों की अटूट एकजुटता को तोड़ने के लिए ‘फूट डालो और राज करो’ की रणनीति अपना रही है। कभी NPS तो कभी UPS का छलावा देकर कर्मचारियों के बुढ़ापे की सुरक्षा से खिलवाड़ किया जा रहा है। सभी प्रांतीय और केंद्रीय संगठनों के अध्यक्षों व पदाधिकारियों को सरकार के इस छल को गहराई से समझना होगा और एकजुट होकर UPS व NPS दोनों का पूर्ण बहिष्कार करना होगा।

बैठक में सौरभ ने पुरजोर शब्दों में कर्मचारियों का पक्ष रखते हुए कहा कि कर्मचारियों को न तो बाज़ार आधारित NPS मंजूर है और न ही भ्रामक शर्तों वाली UPS . कर्मचारी देश और प्रदेश के विकास की रीढ़ हैं और उन्हें बिना किसी शर्त के उनका संवैधानिक अधिकार यानी ‘पुरानी पेंशन योजना (OPS)’ ही चाहिए। जब तक OPS की पूर्ण बहाली नहीं हो जाती, आंदोलन जारी रहेगा।
इसी क्रम में रूपेश कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि सांसद विधायक पांच साल कुर्सी पर बैठकर जीवन भर पुरानी पेंशन पाते हैं, और देश को चलाने वाले सरकारी कर्मचारी तीस-चालीस साल की सेवा के बाद भी एनपीएस के भरोसे छोड़े जाते हैं। यह व्यवस्था का एक ऐसा विरोधाभास है जो कर्मचारियों के समर्पण और मेहनत का सीधा तिरस्कार है। सेवा, निष्ठा और जिम्मेदारी के बदले बुढ़ापे में असुविधा देना, किसी छलावे से कम नहीं है।
बैठक में वरिष्ठ कर्मचारी नेताओं अनूप कुमार, पंडित श्याम नारायन, अशोक पांडेय, इजहार अली राजेश मिश्रा , मेहंगू प्रसाद मौर्य , सुभाष पांडेय रामधनी पासवान , रवि शर्मा और मोहम्मद आमिर ने संयुक्त रूप से अपना बयान जारी करते हुए कहा कि
NPS और UPS जैसी योजनाएं कर्मचारियों के बुढ़ापे के आर्थिक संरक्षण को छीनने का जरिया मात्र हैं। सरकार तरह-तरह के विकल्प प्रस्तुत करके कर्मचारी संगठनों के बीच भ्रम और विभाजन पैदा करने का प्रयास कर रही है। हम सभी प्रांतीय एवं केंद्रीय कर्मचारी संगठनों के अध्यक्षों, पदाधिकारियों तथा समस्त कर्मचारियों से अपील करते हैं कि वे सरकार के इस छल में न फंसें। हमारी केवल एक ही स्पष्ट मांग है— केवल पुरानी पेंशन । सभी संगठन अपनी आपसी दूरियों को भूलकर एक मंच पर आएं और केवल OPS अपनाने का संकल्प लें।
