गोरखपुर। राजधानी लखनऊ में आयोजित एक गोष्ठी पर मुख्य अतिथि के रूप मे इंडियन ह्यूमन राइट्स संगठन के राष्ट्रीय प्रमुख महासचिव शहाब हुसैन ने मानवाधिकार पर प्रकाश डाला अपने संबोधन में बताया मानवाधिकार वह अधिकार है जो मनुष्य को जन्म से प्राप्त हो जाता है।मानवाधिकार आधारित दृष्टिकोण अपनाने का अर्थ अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार मानकों का उपयोग करना है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि लोगों के मानवाधिकारों को नीतियों के केंद्र में रखा जाए। मानवाधिकार आधारित दृष्टिकोण लोगों को अपने अधिकारों को जानने और उनका दावा करने के लिए सशक्त बनाएगा और संगठनों, सार्वजनिक निकायों और व्यवसायों की उनके मानवाधिकार दायित्वों को पूरा करने की क्षमता को बढ़ाएगा। और ठोस जवाबदेही बनाता है ताकि लोग अपने अधिकारों का उल्लंघन होने पर उपाय ढूंढ सकें। पैनल सिद्धांत व्यवहार में मानवाधिकार आधारित दृष्टिकोण के अर्थ को तोड़ने का एक तरीका है। PANEL का मतलब भागीदारी, जवाबदेही, गैर-भेदभाव, सशक्तिकरण और वैधता है।

मानवाधिकार का सिद्धान्त मानवाधिकार सभी मनुष्यों में निहित अधिकार हैं, चाहे हमारी राष्ट्रीयता, निवास स्थान, लिंग, राष्ट्रीय या जातीय मूल, रंग, धर्म, भाषा या कोई अन्य स्थिति कुछ भी हो। हम सभी बिना किसी भेदभाव के समान रूप से अपने मानवाधिकारों के हकदार हैं। ये सभी अधिकार परस्पर संबंधित, अन्योन्याश्रित और अविभाज्य हैं। मानवाधिकार सिद्धांत हैं: सार्वभौमिक अविभाज्य, अन्योन्याश्रित और अविभाज्य, समान और गैर-भेदभावपूर्ण, और अधिकार और दायित्व दोनों है। वर्ष 2006 में, दुर्व्यवहार के अच्छी तरह से प्रलेखित पैटर्न के जवाब में, अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार विशेषज्ञों के एक प्रतिष्ठित समूह ने इंडोनेशिया के योग्याकार्ता में यौन अभिविन्यास और लिंग पहचान से संबंधित अंतरराष्ट्रीय सिद्धांतों के एक सेट की रूपरेखा तैयार करने के लिए मुलाकात की। इसका परिणाम योग्याकार्ता सिद्धांत था। मानव अधिकारों के लिए एक सार्वभौमिक मार्गदर्शिका जो बाध्यकारी अंतरराष्ट्रीय कानूनी मानकों की पुष्टि करती है जिसका सभी राज्यों को पालन करना होगा। वे एक अलग भविष्य का वादा करते हैं जहां स्वतंत्र और सम्मान और अधिकारों में समान पैदा हुए सभी लोग उस अनमोल जन्मसिद्ध अधिकार को पूरा कर सकते हैं। लोंगो ने बड़ी उससुक्ता का साथ  हुसैन को सुन रहे थे। जिस किसी को कोई भी मानवाधिकार से संबंधित सवाल पूछ रहे थे  हुसैन ने उसका जवाब सरल वाक्य में दिया। जिला संगठन मंत्री हरीश मिश्रा ने महासचिव का धन्यवाद किया जिन्होंने इतनी व्यवस्था होने  बावजूद संगठन के लिए समय निकाल और यहां लोगों को मानवाधिकार की जानकारी दी। जिला अध्यक्ष फ़राज़ आलम ने राष्ट्रीय प्रमुख महासचिव को दोशाला व पुष्प माला आदि भेट कर स्वागत किया। एडवोकेट सुशील शर्मा ने बताया कि शहाब हुसैन ने मानवाधिकार कार्यकर्ता के रूप में देश विदेश की यात्रा करते रहते हैं। की संगठनों से जुड़े है।हमारे लिए गर्व की बात है यह अपनी उपलब्धियों का गुड़गान कभी नही करते है साधारण व्यक्ति के रूप रहते हैं।लोगों से मालूम होता है कि उनके की गई मदद की फेरिष्ट। अंत में  जिला अध्यक्ष ने उपस्थित राष्ट्रीय महासचिव ,संगठन मंत्री,मंडल अध्यक्ष व उपस्थित सभी पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं का धन्यवाद व आभार व्यक्त किया।

By Minhajalisiddiquiali

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