क्षेत्राधिकार को लेकर किन्नरों के दो गुटों में संघर्षपांच नामजद समेत एक दर्जन के विरुद्ध संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज

संतकबीरनगर। जनपद में किन्नरों के दो गुटों में क्षेत्राधिकार को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। जिसको सुलझाने में प्रशासन व पुलिस नाकाम साबित हो रहा है। परिणाम स्वरूप गुरुवार की शाम जनपद मुख्यालय के स्टेट बैंक चौराहे पर किन्नरों के दो पक्षों में जमकर बवाल तथा मार-पीट हुई तथा बलवा समेत लूटपाट की घटना घटित हुई। इस मामले में एक पक्ष के किन्नर की तहरीर पर दूसरे पक्ष के पांच किन्नरों समेत एक दर्जन अज्ञात के विरुद्ध हत्या के प्रयास, बलवा तथा लूटपाट समेत अन्य संगीन धाराओं में मुकदमा थाना खलीलाबाद में गुरुवार की देर शाम दर्ज हुआ है।
कोतवाली खलीलाबाद थाने में दी गई तहरीर में एक गुट की किन्नर राजकुमारी चेला किरन किन्नर निवासी मुहल्ला बरदहिया बाजार खलीलाबाद थानाक्षेत्र खलीलाबाद ने लिखा है कि गुरुवार की शाम वह अपने किन्नर साथियों के साथ स्टेट बैंक चौराहे पर एक दुकान के उद्घाटन पर बधाई गा बजाकर वापस लौटने की तैयारी कर रही थी। इसी दौरान वहां पहले से घात लगाकर लाठी डंडे तथा लोहे का सरिया लेकर हत्या करने की नियत से एक राय गोलबंद होकर विकास उर्फ निकिता पांडेय निवासी स्टेशन पुरवा खलीलाबाद, राहुल निवासी बरईपार थाना बखिरा, निजाम निवासी कोतवाली गोरखपुर, संदीप जगतबेला गोरखपुर, मुस्कान निवासी रुद्रपुर देवरिया तथा एक दर्जन अज्ञात ने लात घूसों से मारे पीटे और पटककर गला दबाते हुए जान से मारने का प्रयास किया। उक्त लोगों ने उसके पर्स में रखा तीस हजार रुपया नकद, सोने की माला, अंगूठी, कान की बाली, गल्ला व ढोलक छीन लिया। जिससे उसे व मीनाक्षी किन्नर को काफी चोटें आईं हैं। किन्नर राजकुमारी की तहरीर पर दूसरे गुट के किन्नरों के विरुद्ध धारा 147, 323, 307, 394, 506 आई पी सी के तहत मुकदमा दर्ज हुआ है। सूत्रों के मुताबिक मुकदमा दर्ज होने के बाद आरोपी किन्नरों को गुरुवार देर रात गिरफ्तार करने गयी भारी पुलिस बल को किन्नरों के विरोध करने व बवाल मचाने पर बैरंग वापस लौटना पड़ा।

इससे पूर्व भी किन्नरों के दोनों गुटों में हो चुका है टकराव

संतकबीरनगर। किन्नरों के दो गुटों के बीच सीमा विवाद का मामला लगभग तीन महीने से तूल पकड़ता जा रहा है। विकास उर्फ निकिता पाण्डेय और किरन किन्नर के गुट कई बार आपस में टकरा चुके हैं। धीरे-धीरे धीरे यह विवाद अब मार-पीट तक पहुंच गया है। बताते चलें कि रेलवे स्टेशन रोड निवासी और नगरपालिका के सेवानिवृत्त कर्मचारी कमलापति त्रिपाठी के बेटे की शादी के बाद बख्शीश लेने किरन किन्नर के नेतृत्व में आधा दर्जन किन्नरों की टीम पहुंची और वहां सोने के जेवरात और भारी नगदी की डिमांड करने लगे। घर पर कोई पुरुष सदस्य नहीं था ऐसे में महिलाओं ने उन्हें बाद में आने का अनुरोध किया। लेकिन किन्नरों ने महिलाओं को डरा धमकाकर सात हजार रुपए वसूल लिया। इसी बीच किन्नर निकिता पाण्डेय की टीम भी वहां पहुंच गई। उन्होंने जबरन वसूली का विरोध करते हुए किरन किन्नर की टीम से वसूली गई रकम वापस कराकर उन्हें वहां से खदेड़ दिया। लगभग दो घंटे बाद किरन किन्नर अपने दर्जनों साथियों के साथ कमलापति यादव के घर पहुंची और उनके घर पर ईंट पत्थर चलाकर अराजकता की पराकाष्ठा को पार कर दिया। अराजक किन्नर निकिता पाण्डेय और उसके साथियों को बुलाने की जिद करने लगे। परिजनों ने 112 नम्बर पर फोन किया और पुलिस को आते देख किन्नरों का समूह धमकियां देते हुए मौके से चला गया। कमलापति यादव ने मामले की तहरीर कोतवाली पुलिस को दिया लेकिन पुलिस ने दोषियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं किया।

इंसर्ट करें— सीमा विवाद का निपटारा कराने में नाकाम साबित हो रहा प्रशासन

संतकबीरनगर। जनपद मुख्यालय पर किन्नरों के दोनों गुटों का टकराव अब सतह पर आ चुका है। दोनों गुटों के बीच कभी भी खूनी संघर्ष हो सकते हैं। लेकिन प्रशासन उनके बीच जारी सीमा विवाद का निपटारा कराने में नाकाम साबित हो रहा है। बताते चलें कि किन्नर निकिता पाण्डेय ने जिलाधिकारी महेन्द्र सिंह तंवर को सौंपे गए शिकायती पत्र में बताया कि वह खलीलाबाद की स्थाई निवासी हैं। किरन किन्नर नेपाल से आकर खलीलाबाद में वसूली गैंग चला रही हैं। उनकी टीम में तमाम आपराधिक किस्म के नकली किन्नर भी शामिल हैं जो बधाई के नाम पर अराजक तरीके से जबरन वसूली करते हैं। उक्त किरन किन्नर के खिलाफ गोरखपुर के सहजनवा थाने में गैंगस्टर एक्ट का मुकदमा भी दर्ज है। निकिता पाण्डेय ने बताया कि किरन किन्नर की अराजकता के चलते खलीलाबाद के स्थानीय किन्नरों का जीवन यापन संकट में है। उनकी शिकायत पर जिलाधिकारी ने मामले के समाधान के लिए अपर जिलाधिकारी को लगाया और किन्नरों के बीच सीमा विवाद समाप्त कराने का निर्देश दिया।

इंसर्ट करें— कोतवाली पुलिस की कार्रवाई पर उठ रहे सवाल

संतकबीरनगर। किन्नरों के दो गुटों में जारी टकराव के बाद कोतवाली पुलिस ने एक पक्षीय कार्रवाई करते हुए किन्नर निकिता पाण्डेय और उसके साथियों के खिलाफ जानलेवा हमला समेत तमाम गम्भीर धाराओं के तहत मुकदमा कायम किया। साथ ही कोतवाली प्रभारी बृजेन्द्र पटेल बृहस्पतिवार की देर शाम भारी पुलिस बल के साथ गिरफ्तारी के लिए निकिता पाण्डेय के घर पहुंच गए। एक पक्षीय कार्रवाई पर भड़के किन्नरों ने पुलिस के सामने जमकर उपद्रव किया और अपने ऊपर पेट्रोल डालकर आत्महत्या का प्रयास करने लगे। किन्नरों का कहना था कि जब मामला महीनों से उच्चाधिकारियों के संज्ञान में है और विरोधी किन्नरों के अराजकता की विडियो फुटेज भी अधिकारियों के पास मौजूद हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की गई। मामूली झड़प की घटना में जानलेवा हमला और लूट-पाट की फर्जी धाराओं को लगातार कोतवाली पुलिस ने साबित कर दिया कि मामले में वह निष्पक्ष नहीं है। रात के अंधेरे में भारी पुलिस बल लेकर गिरफ्तार करने का आखिर क्या मतलब है। किन्नरों के भारी विरोध के चलते कोतवाली पुलिस बेरंग वापस लौटने को मजबूर हो गई लेकिन पुलिस कार्रवाई को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है।

By Minhajalisiddiquiali

गोरखपुर up53 सीएम सिटी

Leave a Reply

Discover more from Arushan News

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading