उत्तराखंड के मुख्यमंत्री ने दी राजल नीति को शुभकामनाएं
युवा लेखक राजल की आने वाली पुस्तक राजल नीति लोकव्यवहार को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पत्र के माध्यम से शुभकामनाएं दी हैँ जिसमे उन्होंने राजल को पुस्तक के लिए बधाई दी और पुस्तक की सफलता के लिए कामना की है। इससे पहले उन्हें उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल भारत के तत्कालीन उपराष्ट्रपति वेंकेया नायडू भी शुभकामनाएं दे चुकें हैँ।
राजल नीति पुस्तकें वर्तमान में 7 भाषा हिंदी, अंग्रेजी, बांग्ला, मराठी, गुजरती, ओड़िया और पंजाबी भाषा में उपलब्ध है। टाइम मैनेजमेंट पर राजल सबसे ज्यादा अनुवाद किये जाने वाले भारतीय लेखक हैँ उन्होंने अब तक 6 पुस्तकें लिखी हैँ जिनमे राजल नीति टाइम मैनेजमेंट, राजल नीति स्ट्रेस मैनेजमेंट, राजल नीति लोकव्यवहार प्रमुख हैँ ।
इस अवसर पर राजल ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के प्रति आभार व्यक्ति किया और बताया की वो जो कुछ भी हैँ अपने स्वर्गीय दादाजी राधेश्याम गुप्त जी की वजह से हैँ और उनकी यह सफलता उन्हें ही समर्पित है उनकी वजह से ही वो कक्षा 6 फेल और पढ़ाई छोड़ने से 9 डिग्री/सर्टिफिकेट की यात्रा तय कर पाए जिसमे एल. एल. बी, जर्नालिज्म, पी. जी. डी. बी. ए और बी लेवल जैसी 4 प्रोफेशनल डिग्रियां भी शामिल हैँ साथ ही साथ उन्होंने डायमंड बुक्स के निदेशक नरेन्द्र वर्मा के मार्गदर्शन के लिए भी उनका आभार व्यक्त किया।
राजल नीति पुस्तकों का विमोचन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ,उत्तर प्रदेश के तत्कालीन राज्यपाल राम नाइक और हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला कर चुके हैँ।


