राजल नीति के 6 नये संस्करण प्रकाशित
राजल नीति के 13 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष में राजल नीति पुस्तक के 6 नये हार्डकवर संस्करण प्रकाशित हुए हैँ। जिसमे राजल नीति टाइम मैनेजमेंट के हिंदी, गुजराती और मराठी के हार्डकवर संस्करण और राजल नीति स्ट्रेस मैनेजमेंट के हिंदी, गुजराती और बांग्ला के हार्डकवर संस्करण शामिल हैँ।
इस अवसर पर राजल ने पाठकों और डायमंड बुक्स के निदेशक नरेन्द्र वर्मा के प्रति आभार व्यक्त किया और यह भी कहा की उनके स्वर्गीय दादाजी के प्रोत्साहन के बिना यहाँ तक पहुंचना संभव नहीं था और यह भी बताया की वो जो कुछ भी हैँ अपने स्वर्गीय दादाजी राधेश्याम गुप्त जी की वजह से हैँ और उनकी यह सफलता उन्हें ही समर्पित है उनकी वजह से ही वो कक्षा 6 फेल और पढ़ाई छोड़ने से 9 डिग्री/सर्टिफिकेट की यात्रा तय कर पाए जिसमे एल. एल. बी, जर्नालिज्म, पी. जी. डी. बी. ए और बी लेवल जैसी 4 प्रोफेशनल डिग्रियां भी शामिल हैँ।
राजल की पुस्तकों को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन,गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और भारत के तत्कालीन उपराष्ट्रपति वेंकेया नायडू भी शुभकामनाएं दे चुकें हैँ।
राजल नीति पुस्तकें हिंदी, अंग्रेजी, बांग्ला, मराठी, गुजरती, ओड़िया और पंजाबी इत्यादि भाषाओं में उपलब्ध है। टाइम मैनेजमेंट पर राजल सबसे ज्यादा अनुवाद किये जाने वाले भारतीय लेखक हैँ उन्होंने अब तक 6 पुस्तकें लिखी हैँ जिनमे राजल नीति टाइम मैनेजमेंट, राजल नीति स्ट्रेस मैनेजमेंट, राजल नीति लोकव्यवहार प्रमुख हैँ ।
राजल नीति पुस्तकों का विमोचन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ,उत्तर प्रदेश के तत्कालीन राज्यपाल राम नाइक और हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला कर चुके हैँ।
