मुख्यमंत्री ने किया राजल नीति का विमोचन
शहर के युवा लेखक राजल की नई पुस्तक राजल नीति लोकव्यवहार का विमोचन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया साथ ही साथ पुस्तक की सफलता के लिए आशीर्वाद स्वरुप शुभकामनायें भी दीं।
यह पुस्तक मुख्यतः बातचीत की कला, आत्मविश्वास बढ़ाने, सहयोग पाने और लोगों से बेहतर तालमेल विकसित करने के विषयों पर केंद्रित हैँ। राजल नीति लोकव्यवहार का बांग्ला और पंजाबी संस्करण भी जल्द प्रकशित होगा। इससे पूर्व भी मुख्यमंत्री द्वारा राजल नीति टाइम मैनेजमेंट पुस्तक का विमोचन हुआ था जिसका अनुवाद हिंदी, अंग्रेजी, बांग्ला, मराठी, गुजरती, ओड़िया, पंजाबी इत्यादि भाषाओं में हुआ था।
राजल ने विमोचन के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति आभार व्यक्त किया। इस प्रयास को अपने स्वर्गीय दादाजी राधेश्याम गुप्त को समर्पित किया,और बताया की वो जो कुछ भी हैँ अपने स्वर्गीय दादाजी राधेश्याम गुप्त जी की वजह से हैँ और उनकी यह सफलता उन्हें ही समर्पित है उनकी वजह से ही वो कक्षा 6 फेल और पढ़ाई छोड़ने से 9 डिग्री/सर्टिफिकेट की यात्रा तय कर पाए जिसमे एल. एल. बी, जर्नालिज्म, पी. जी. डी. बी. ए और बी लेवल जैसी 4 प्रोफेशनल डिग्रियां भी शामिल हैँ।
इसके साथ ही दादी कामिनी देवी गुप्ता के प्रति भी आभार व्यक्त किया। राजल ने यह भी कहा पुस्तक पाठकों के प्यार के बिना अधूरी है इसलिए पाठको के स्नेह के बिना यहाँ तक पहुंचना संभव नहीं था साथ ही साथ डायमंड बुक्स के निदेशक नरेन्द्र वर्मा के प्रति भी आभार व्यक्त किया।
राजल अब तक 6 पुस्तकें लिख चुकें हैँ जिनमे राजल नीति टाइम मैनेजमेंट, राजल नीति स्ट्रेस मैनेजमेंट और राजल नीति लोकव्यवहार प्रमुख है।राजल नीति पुस्तकों का विमोचन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ,उत्तर प्रदेश के तत्कालीन राज्यपाल राम नाइक और हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला कर चुके हैँ और उन्हें उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल,गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी और भारत के तत्कालीन उपराष्ट्रपति वेंकेया नायडू भी शुभकामनाएं दे चुकें हैँ।
