*विद्वत महासंघ का निर्णय,9 अगस्त को सूर्योदय काल से मध्य रात्रि तक है रक्षाबंधन का मुहूर्त*

*इस बार रक्षाबंधन पर भद्रा का कोई संकट नहीं-विद्वत महासंघ*

गोरखपुर!    रक्षाबंधन त्यौहार पर जनमानस मे उपजी भ्रान्तियों को लेकर भारतीय विद्वत् महासंघ कि एक आवश्यक बैठक कि गई।
बैठक के दौरान महासंघ के विद्वत्जनों ने रक्षाबंधन,श्रावणी उपाकर्म व संस्कृत दिवस 9 अगस्त दिन शनिवार को मनाने का निर्णय किया। संगठन महामंत्री ज्योतिषचार्य पण्डित बृजेश पाण्डेय ने बताया कि रक्षाबंधन का त्योहार प्रत्येक वर्ष श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है। इस दिन बहनें भाइयों के कलाई पर रक्षासूत्र यानी राखी बांधती हैं और भाई अपनी बहनों को हमेशा रक्षा और साथ देने का वचन देते हैं। शास्त्रानुसार पूर्णिमा का सम्बंध माता लक्ष्मी से है,कई क्षेत्रों में तो रक्षाबंधन के दिन ग्रह दोष संबंधी निवारण भी किए जाते हैं। इस तिथि पर भद्राकाल और राहुकाल का विशेष ध्यान रखा जाता है। भद्राकाल और राहुकाल में राखी नहीं बांधी जाती है। भद्रा काल में शुभ कार्य वर्जित होता है। साथ ही पाण्डेय जी ने यह भी बताया कि इस वर्ष भद्रा का साया राखी पर बिल्कुल नहीं है।
9 अगस्त दिन शनिवार को सूर्योदय काल से लेकर मध्य रात्रि तक पूरा समय राखी बांधने का शुभ मुहूर्त है। रक्षाबंधन के दिन भाई को पूर्व मुख करके बैठाएं तथा बहने स्वयं पश्चिम की ओर मुख कर जल शुद्धि करके भाई को दही,रोली और अक्षत् का तिलक लगाकर मंत्र का उच्चारण करते हुए रक्षासूत्र बांधें। येन बद्धो बली राजा दानवेन्द्रो महाबल:। तेन त्वां प्रतिबध्नामि रक्षे मा चल मा चल:।। रक्षाबंधन के दिन विशेष रूप से लक्ष्मी-नारायण की पूजा करें, देवी-देवताओं को रक्षासूत्र बांधे,अन्न व धन का दान करें, नवग्रहों की शांति के लिए पूजा करें तथा माता-पिता का आशीर्वाद लेना चाहिए।
साथ ही महासंघ के अध्यक्ष पं. रविंद्रनाथ मिश्र, उपाध्यक्ष पं. राजेश मिश्र, महामंत्री पं. बृजेश पाण्डेय,कोषाध्यक्ष पं. शेषमणि पाण्डेय,मंत्री रमेश पाण्डेय,संरक्षक सदस्य पं. अश्वनी कुमार मिश्र ज्योतिर्विद,संपर्क मंत्री अश्वनी त्रिपाठी,ज्योतिष यज्ञ संस्कार समिति अध्यक्ष बैद्यनाथ द्विवेदी,उपाध्यक्ष पं. मनोज तिवारी, पं. अरविन्द पाण्डेय वैदिक, पं. ब्रह्मनंद मिश्र, पं. राधाकृष्ण पाठक, पं. गणेश तिवारी,  पं. बलराम पाण्डेय, पं. धनंजय द्विवेदी, पं. रामप्रसन्न मिश्र, पं. रामानाथ उपाध्याय, पं. सुनील त्रिपाठी,पं. उमेश शुक्ला आदि विद्वत्जनों ने सहमति जताई तथा बताया कि इसी दिन प्राचीन मारसरोवर शिव मंदिर पर प्रातः 5 बजे से 6 बजे तक श्रावणी उपाकर्म, सप्तऋषि पूजन तथा संस्कृत दिवस भी महासंघ द्वारा प्रत्येक वर्ष कि भांति इस वर्ष भी हर्षोल्लास पूर्वक मनाया जायेगा।

By Minhajalisiddiquiali

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