बिजली की माँग 30251 मेगावॉट पहुंचने के बाद निर्बाध बिजली आपूर्ति बनाये रखने की बिजली कर्मियों से अपील

निजीकरण के विरोध में चल रहे आंदोलन के दौरान उपभोक्ताओं को कोई कठिनाई न होने पाये

निजीकरण के विरोध मेंबिजली की माँग 30251 मेगावॉट पहुंचने के बाद निर्बाध बिजली आपूर्ति बनाये रखने की बिजली कर्मियों से अपील

निजीकरण के विरोध में चल रहे आंदोलन के दौरान उपभोक्ताओं को कोई कठिनाई न होने पाये


निजीकरण के विरोध में अगले सप्ताह से केन्द्रीय पदाधिकारियों के प्रांतव्यापी दौरे

          गोरखपुर। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, गोरखपुर ने बिजली कर्मियों से अपील की है कि निजीकरण के विरोध में चलाये जा रहे आंदोलन के दौरान बढ़ी हुई बिजली की मांग को देखते हुए बिजली उपभोक्ताओं को कोई तकलीफ नहीं होनी चाहिए।
      पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण के विरोध में आज लगातार 266 वें दिन बिजली कर्मियों ने प्रदेश भर में सभी जनपदों और परियोजनाओं पर  व्यापक जनसंपर्क कर विरोध प्रदर्शन जारी रखा।
        विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, गोरखपुर के पदाधिकारियों सीबी उपाध्याय, इस्माइल खान, पुष्पेन्द्र सिंह, जीवेश नन्दन , जितेन्द्र कुमार गुप्त, अमित यादव , विजय सिंह, शिवेन्द्र यादव, प्रभुनाथ प्रसाद, संगमलाल मौर्य, संदीप श्रीवास्तव, विमलेश पाल, राकेश चौरसिया, विजय बहादुर सिंह, करुणेश त्रिपाठी, राजकुमार सागर, ओम गुप्ता, सत्यव्रत पांडेय आदि ने बताया कि 19 अगस्त को रात 10.21 बजे 30251 मेगावॉट बिजली की माँग पहुंच गई जिसके आने वाले दिनों में और बढ़ने की संभावना है। जून में 31486 मेगावॉट की अब तक की सबसे अधिक मांग रही है। अगस्त सितम्बर में बिजली की मांग इससे भी अधिक रहने की सम्भावना है।
      संघर्ष समिति ने कहा कि बिजली कर्मी निजीकरण के विरोध में चल रहे संघर्ष में उपभोक्ताओं को साथ लेकर चल रहे हैं । यह अपने आप में एक कीर्तिमान है कि विगत 266 दिन के आन्दोलन में बिजली कर्मियों ने आन्दोलनरत रहते हुये भी महाकुम्भ में बिजली की अद्वितीय व्यवस्था बनाये रखी और मई जून की भीषण गर्मी में अधिकतम बिजली आपूर्ति के कीर्तिमान बनाये। संघर्ष समिति का बिजली कर्मियों को निर्देश है कि आंदोलन के कारण किसी भी उपभोक्ता को कठिनाई नहीं होनी चाहिए। 
        संघर्ष समिति ने कहा है कि जहां बिजली कर्मी आंदोलन के साथ उपभोक्ताओं की समस्याओं का भी समाधान कर रहे हैं वहीं दूसरी ओर पावर कार्पोरेशन प्रबंधन बिजली कर्मियों का दमन कर कार्य का वातावरण लगातार बिगाड़ रहा है। हजारों बिजली कर्मियों का जून, जुलाई माह का वेतन काम करने के बावजूद नहीं दिया गया है जो सबसे अधिक निन्दनीय है। संघर्ष समिति ने कहा कि चाहे जितना दमन किया जाए बिजली कर्मियों का आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक निजीकरण वापस नहीं होता और उत्पीड़न की समस्त कार्यवाहियां निरस्त नहीं की जाती।
      संघर्ष समिति का निर्णय है कि पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण का टेंडर होने पर सभी ऊर्जा निगमों के तमाम बिजली कर्मचारी, संविदा कर्मी, जूनियर इंजीनियर और अभियंता अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार प्रारंभ कर देंगे और शुरू होगा  सामूहिक जेल पर हुआ आंदोलन।
        आज राजधानी लखनऊ में संघर्ष समिति के केन्द्रीय पदाधिकारियों  की बैठक में निजीकरण के विरोध में चल रहे आंदोलन को और तेज करने की रणनीति बनाई गई। अधिकतम अभियंताओं तक जनसंपर्क तेज करने की दृष्टि से अभियन्ता संघ ने आज से  परियोजना वार ऑनलाइन मीटिंग करना प्रारम्भ किया है। आज हरदुआगंज और पारीछा ताप बिजली घरों के अभियंताओं की ऑनलाइन मीटिंग हुई। अगले सप्ताह से संघर्ष समिति के केंद्रीय पदाधिकारियों  के प्रांतव्यापी दौर प्रारंभ होंगे।
     आज वाराणसी, आगरा, मेरठ, कानपुर, गोरखपुर, मिर्जापुर, आजमगढ़, बस्ती, अलीगढ़, मथुरा, एटा, झांसी, बांदा, बरेली, देवीपाटन, अयोध्या, सुल्तानपुर, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, बुलंदशहर, नोएडा, गाजियाबाद, मुरादाबाद, हरदुआगंज, जवाहरपुर, परीक्षा, पनकी, ओबरा, पिपरी और अनपरा में विरोध प्रदर्शन किया गया। अगले सप्ताह से केन्द्रीय पदाधिकारियों के प्रांतव्यापी दौरे गोरखपुर। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, गोरखपुर ने बिजली कर्मियों से अपील की है कि निजीकरण के विरोध में चलाये जा रहे आंदोलन के दौरान बढ़ी हुई बिजली की मांग को देखते हुए बिजली उपभोक्ताओं को कोई तकलीफ नहीं होनी चाहिए। पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण के विरोध में आज लगातार 266 वें दिन बिजली कर्मियों ने प्रदेश भर में सभी जनपदों और परियोजनाओं पर व्यापक जनसंपर्क कर विरोध प्रदर्शन जारी रखा। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, गोरखपुर के पदाधिकारियों सीबी उपाध्याय, इस्माइल खान, पुष्पेन्द्र सिंह, जीवेश नन्दन , जितेन्द्र कुमार गुप्त, अमित यादव , विजय सिंह, शिवेन्द्र यादव, प्रभुनाथ प्रसाद, संगमलाल मौर्य, संदीप श्रीवास्तव, विमलेश पाल, राकेश चौरसिया, विजय बहादुर सिंह, करुणेश त्रिपाठी, राजकुमार सागर, ओम गुप्ता, सत्यव्रत पांडेय आदि ने बताया कि 19 अगस्त को रात 10.21 बजे 30251 मेगावॉट बिजली की माँग पहुंच गई जिसके आने वाले दिनों में और बढ़ने की संभावना है। जून में 31486 मेगावॉट की अब तक की सबसे अधिक मांग रही है। अगस्त सितम्बर में बिजली की मांग इससे भी अधिक रहने की सम्भावना है। संघर्ष समिति ने कहा कि बिजली कर्मी निजीकरण के विरोध में चल रहे संघर्ष में उपभोक्ताओं को साथ लेकर चल रहे हैं । यह अपने आप में एक कीर्तिमान है कि विगत 266 दिन के आन्दोलन में बिजली कर्मियों ने आन्दोलनरत रहते हुये भी महाकुम्भ में बिजली की अद्वितीय व्यवस्था बनाये रखी और मई जून की भीषण गर्मी में अधिकतम बिजली आपूर्ति के कीर्तिमान बनाये। संघर्ष समिति का बिजली कर्मियों को निर्देश है कि आंदोलन के कारण किसी भी उपभोक्ता को कठिनाई नहीं होनी चाहिए। संघर्ष समिति ने कहा है कि जहां बिजली कर्मी आंदोलन के साथ उपभोक्ताओं की समस्याओं का भी समाधान कर रहे हैं वहीं दूसरी ओर पावर कार्पोरेशन प्रबंधन बिजली कर्मियों का दमन कर कार्य का वातावरण लगातार बिगाड़ रहा है। हजारों बिजली कर्मियों का जून, जुलाई माह का वेतन काम करने के बावजूद नहीं दिया गया है जो सबसे अधिक निन्दनीय है। संघर्ष समिति ने कहा कि चाहे जितना दमन किया जाए बिजली कर्मियों का आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक निजीकरण वापस नहीं होता और उत्पीड़न की समस्त कार्यवाहियां निरस्त नहीं की जाती। संघर्ष समिति का निर्णय है कि पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण का टेंडर होने पर सभी ऊर्जा निगमों के तमाम बिजली कर्मचारी, संविदा कर्मी, जूनियर इंजीनियर और अभियंता अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार प्रारंभ कर देंगे और शुरू होगा सामूहिक जेल पर हुआ आंदोलन। आज राजधानी लखनऊ में संघर्ष समिति के केन्द्रीय पदाधिकारियों की बैठक में निजीकरण के विरोध में चल रहे आंदोलन को और तेज करने की रणनीति बनाई गई। अधिकतम अभियंताओं तक जनसंपर्क तेज करने की दृष्टि से अभियन्ता संघ ने आज से परियोजना वार ऑनलाइन मीटिंग करना प्रारम्भ किया है। आज हरदुआगंज और पारीछा ताप बिजली घरों के अभियंताओं की ऑनलाइन मीटिंग हुई। अगले सप्ताह से संघर्ष समिति के केंद्रीय पदाधिकारियों के प्रांतव्यापी दौर प्रारंभ होंगे। आज वाराणसी, आगरा, मेरठ, कानपुर, गोरखपुर, मिर्जापुर, आजमगढ़, बस्ती, अलीगढ़, मथुरा, एटा, झांसी, बांदा, बरेली, देवीपाटन, अयोध्या, सुल्तानपुर, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, बुलंदशहर, नोएडा, गाजियाबाद, मुरादाबाद, हरदुआगंज, जवाहरपुर, परीक्षा, पनकी, ओबरा, पिपरी और अनपरा में विरोध प्रदर्शन किया गया।

By Minhajalisiddiquiali

गोरखपुर up53 सीएम सिटी

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