दस दिवसीय बौद्ध धम्म प्रशिक्षण शिविर के समापन पर पूज्य बौद्ध मा०ई०यस ०डी० भास्कर जी को चीवर एवं अंग वस्त्र पहना करके उनका स्वागत किया

अरुशान न्यूज।गोरखपुर। अलवापुर दी बोद्धि सोसायटी आफ इंडिया भारतीय बौद्ध महासभा शाखा गोरखपुर के तत्वाधान में 14 से 23 नवम्बर तक चलने वाले 10 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आज अंतिम दिन जिला रविदास महासभा के तरफ से जिला अध्यक्ष सुरेश प्रसाद एवं जिला महामंत्री दयानंद भारती ने बौद्ध भिक्खू मा० ई०यस०डी० भास्कर जी को चीवर अंग वस्त्र पहना करके उनका स्वागत किया गया संत रविदास मंदिर अलवापुर गोरखपुर में चल रहा है धम्म प्रशिक्षण शिविर में कुल 20 लोगों ने बौद्ध भिक्षु बने पूजनीय भनते ई यस डी भास्कर संघ के नायक के नेतृत्व में यह शिविर10 दिन संचालित हो करके चला। बौद्ध भिक्षु ई यस डी ने प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य चरित्र का निर्माण व्यक्तित्व का स्वर्णिय विकास करना बौद्ध धर्म का प्रचार प्रसार करना समाज में व्याप्त बाह्यआडम्बर,अंधविश्वास,रूढ़िवादी परम्पराओं को समाप्त करना बाबा साहब के मिशन को बढ़ाने के लिए प्रशिक्षित करना व शील संपन्न समाज तैयार करने के साथ-साथ तथागत गौतम बुद्ध, सावित्री बाई फूले, ज्योतिबा राव फूले, छत्रपति शाहूजी महाराज, डॉक्टर बाबा साहब अंबेडकर व अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं पिछड़े समुदाय में जन्मे सभी महापुरुषों के जीवन व उनके व्यक्तित्व के बारे में विशेष जानकारी दिया जाना है। अतःधम्म बंधुओं से सादर अनुरोध है कि आप सब धम्म प्रशिक्षण शिविर में भाग लेकर परम पूज्य बोधिसत्व डॉक्टर बाबा साहब अंबेडकर बुद्धमय भारत के सपने को साकार करने एवं प्रशिक्षण को सफल बनाने में अपना अमूल्य योगदान प्रदान करें ।जिला रविदास महासभा के जिला अध्यक्ष सुरेश प्रसाद ने कहा कि इस प्रशिक्षण के माध्यम से बौद्ध धर्म का प्रचार प्रसार एवं लोगों में चेतना आचरण ,व्यवहार जन-जन तक पहुंचाना है कार्यक्रम में जिला महामंत्री दयानंद भारती ने कहा कि भगवान बुद्ध ने कहा कि मानव-मानव एक समान जिला संरक्षक सोमई बौद्ध, बेनी प्रसाद,पूर्णमासी, शुकदेव प्रसाद, राजकुमार , सुरेंद्र कुमार भारती,बलराम, विनय कुमार राही, सतीश चन्द बौद्ध, जितेन्द्र कुमार,ने भी संबोधित किया और कहा कि 14 अक्टूबर1956 को डॉo बाबा साहब भीमराव अंबेडकर ने अपने लाखों अनुयाईयों को लेकर बौद्ध धर्म अपनाया अपने समाज को एक धर्म दिया जिसे पूरे समाज को अपनना चाहिए धम्म प्रशिक्षण का समापन 23 नवम्बर को किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से , सुरेश प्रसाद, दयानंद भारती, सोमई बौद्ध, बेनी प्रसाद,पूर्णमासी, शुकदेव प्रसाद, राजकुमार,राजकुमार भारती, देवेंद्र मणी,पशुपति नाथ रविकुल, सुरेन्द्र भारती, विष्णु कुमार, सुरेश कुमार भारती, विनय कुमार राही,सतीश चंद्र बौद्ध,दीपक, गोविन्द ,एवं बड़ी में लोग उपस्थित रहे ।

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