हर माह दी जाने वाली विशेष उमराह ट्रेनिंग का हुआ आगाज

गोरखपुर। मकतब इस्लामियात तुर्कमानपुर में विशेष उमराह ट्रेनिंग का शुभारंभ किया गया। उलमा किराम द्वारा उमराह की विशेष ट्रेनिंग दी गई। उमराह के महत्वपूर्ण नियम (अरकान) विस्तार से समझाए गए। गोरखपुर से मक्का-मदीना जाने वाले लोगों के लिए उमराह की विशेष ट्रेनिंग पहली बार शुरू की गई है। जो हर माह के अंतिम मंगलवार को सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक दी जाएगी। ट्रेनिंग मकतब इस्लामियात, ट्रैवेल प्वाइंट (हज उमराह व जियारत), अल कलम एसोसिएशन व जामिया अल इस्लाह एकेडमी की ओर से करवाई जा रही है। जो पूरी तरह से निशुल्क है

आगाज करते हुए नायब काजी मुफ्ती मुहम्मद अजहर शम्सी ने कहा कि उमराह एक पवित्र आध्यात्मिक यात्रा है। ट्रेनिंग का उद्देश्य सही तरीका से उमराह सिखाना है ताकी लोग इसे सुन्नत के अनुसार सही ढंग से पूरा कर सकें। उमराह के चार मुख्य अरकान हैं। इसमें आध्यात्मिक और शारीरिक दोनों तरह की तैयारी शामिल है। आध्यात्मिक तैयारी में इरादे को शुद्ध करना, दुआएं पढ़ना और पश्चाताप करना शामिल है, जबकि शारीरिक तैयारी में एहराम पहनना, तवाफ, सई और हलक/तकसीर आदि शामिल है। उमराह यात्रा की शुरुआत से ही अल्लाह के प्रति समर्पण का भाव रखें, तौबा करें और कुरआन व दुआओं के माध्यम से खुद को आध्यात्मिक रूप से तैयार करें। उमराह पूरी श्रद्धा और समर्पण के साथ करना चाहिए।हाफिज रहमत अली निजामी ने उमराह के नियमों और उसके महत्व को सरल भाषा में समझाया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सही तरीके से उमराह अदा करने के लिए ज्ञान और धैर्य दोनों ही अत्यंत आवश्यक हैं। ऐसी ट्रेनिंग यात्रियों को सही जानकारी देती है और उनकी यात्रा को सुगम बनाती है। ट्रेनिंग का माहौल पूरी तरह से धार्मिक और आध्यात्मिक रहा। जिसका समापन दुआ के साथ किया गया। ट्रेनिंग में कारी मुहम्मद अनस रजवी, नेहाल अहमद नक्शबंदी, आसिफ महमूद, जीशान अहमद, अख्लाक अहमद, शहबाज सिद्दीकी, सोगरा खातून, खलीकुल्लाह, अब्दुल माबूद, राबिया खातून, मुहम्मद इलियास, कमरूद्दीन, रजी हसन सहित तमाम लोग मौजूद रहे।

Leave a Reply

Discover more from Arushan News

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading