हिजाब प्रकरण पर सियासी तूफान, दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग!
मुख्यमंत्री द्वारा नियुक्तिपत्र देते समय एक छात्रा का हिजाब खींचे जाने, एक कैबिनेट मंत्री द्वारा उस पर भद्दा मजाक करने और एक केंद्रीय मंत्री द्वारा लड़की नौकरी करे चाहे जहन्नुम में जाए जैसे आपत्तिजनक बयान दिए जाने से प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। यह घटनाक्रम महिला सम्मान, धार्मिक स्वतंत्रता और संवैधानिक मूल्यों पर सीधा हमला बताया जा रहा है।
समाजवादी पार्टी महानगर के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व सचिव आफताब अहमद ने इस पूरे मामले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यह बेहद शर्मनाक है कि “बेटी बचाओ” का नारा देने वाली पार्टी से जुड़े नेता ही एक बेटी के सम्मान को ठेस पहुंचा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक छात्रा का अपमान नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए चिंता का विषय है। आफताब अहमद ने विशेष रूप से कैबिनेट मंत्री संजय निषाद के बयान को घोर आपत्तिजनक बताते हुए उनके खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई की मांग की और उन्हें पद से हटाए जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों के हाथ में सत्ता रहना लोकतंत्र और महिला सुरक्षा दोनों के लिए खतरा है। उन्होंने यह भी मांग की कि पीड़ित छात्रा की सुरक्षा तत्काल बढ़ाई जाए, ताकि उस पर किसी तरह का दबाव या भय न बने। साथ ही, पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। समाजवादी पार्टी ने स्पष्ट किया है कि महिलाओं के सम्मान और संविधान प्रदत्त अधिकारों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। पार्टी ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने शीघ्र कार्रवाई नहीं की, तो आंदोलनात्मक कदम उठाए जाएंगे।
