माह-ए-रमजान : तरावीह की नमाज के लिए हाफिज नियुक्त, समय तय

गोरखपुर। पवित्र माह-ए-रमजान आने वाला है। 19 या 20 फरवरी से रोजा शुरु हो जाएगा। वहीं चांद के दीदार के साथ तरावीह की नमाज 18 फरवरी या 19 फरवरी से अदा की जाएगी। रमजान के इस्तकबाल की तैयारियां चल रही हैं। रमजान में तरावीह नमाज का खास महत्व है। तरावीह में बीस रकात नमाज अदा की जाती है। तरावीह की नमाज में हाफिज पूरा क़ुरआन-ए-पाक सुनाते हैं। शहर व देहात की हर छोटी-बड़ी मस्जिदों में तरावीह की नमाज विशेष रूप से अदा की जाती है। ज्यादातर मस्जिदों के लिए हाफिज-ए-कुरआन नियुक्त हो चुके हैं। शहर की मस्जिदों में तरावीह की नमाज रात करीब 8:00 से 8:30 बजे के बीच शुरु होगी। हाफिज मुजम्मिल, हाफिज रहमत अली, हाफिज महमूद रजा, हाफिज सफीउल्लाह निजामी, हाफिज शराफत हुसैन, हाफिज हम्माद, कारी मोहसिन, कारी मोहम्मद अहमद, कारी मोइनुद्दीन, मौलाना अनवर अहमद, हाफिज गुलाम वारिस आदि तरावीह की नमाज पढ़ाने के लिए तैयारियों में लगे हुए हैं। कुरआन-ए-पाक दोहराया जा रहा है ताकि नमाज में कोई आयत छूटने न पाए। तरावीह की नमाज में उन्हें नमाजियों को पूरा कुरआन-ए-पाक सुनाना है।

तरावीह की नमाज सुन्नते मुअक्कदा है : कारी मुहम्मद अनस

मकतब इस्लामियात तुर्कमानपुर के शिक्षक कारी मुहम्मद अनस नक्शबंदी ने बताया कि तरावीह की नमाज मर्द व औरत सबके लिए सुन्नते मुअक्कदा है। उसका छोड़ना जाइज नहीं। तरावीह की नमाज 20 रकात है। तरावीह की नमाज पूरे माह-ए-रमजान में पढ़नी है। रमजान में तरावीह नमाज के दौरान एक बार कुरआन खत्म करना सुन्नत है। दो बार खत्म करना अफजल है। तीन बार कुरआन मुकम्मल करना फजीलत माना गया है। औरतें घर में ही तन्हा-तन्हा तरावीह की नमाज पढ़ेंगी। माह-ए-रमजान में जन्नत को सजाया जाता है। रोजेदारों की दुआ कबूल होती है।

रमजान में उतरा कुरआन-ए-पाक : हाफिज रहमत

सब्जपोश हाउस मस्जिद जाफरा बाजार के इमाम हाफिज रहमत अली निजामी ने बताया कि रमजान में न सिर्फ बंदों पर रोजे फर्ज किए गए बल्कि अल्लाह पाक ने सारी आसमानी किताबें रमजान के महीने में उतारी। कुरआन-ए-पाक इसी माह में नाजिल हुआ। कुरआन-ए-पाक का हक है कि बंदे उसकी तिलावत करें और उसके हुक्म के मुताबिक जिंदगी गुजारें।

यहां इतने दिनों में मुकम्मल होगा एक कुरआन-ए-पाक

1. मदरसा दारुल उलूम हुसैनिया दीवान बाजार – सात दिन

2. दरगाह हजरत मुबारक खां शहीद मस्जिद नार्मल, शाही मस्जिद तकिया कवलदह – दस दिन

3. नूरी मस्जिद तुर्कमानपुर, सब्जपोश हाउस मस्जिद जाफरा बाजार, चिश्तिया मस्जिद बक्शीपुर, मुकीम शाह जामा मस्जिद बुलाकीपुर, नसीबन बीबी मस्जिद कोतवाली रोड, बिलाल मस्जिद अलहदादपुर, गौसिया मस्जिद  छोटे काजीपुर – 15 दिन

4. रजा मस्जिद जाफरा बाजार, सौदागार मोहल्ला जामा मस्जिद, गाजी मस्जिद गाजी रौजा, फिरदौस जामा मस्जिद जमुनहिया बाग, बहादुरिया जामा मस्जिद रहमतनगर – 21 दिन

By Minhajalisiddiquiali

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