*अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर विशेष*
*विकसित राष्ट्र के विकास का आधार स्तंभ है नारी शक्ति – इंजीनियर बृजमोहन* *(दलित चिंतक/सामाजिक कार्यकर्ता)*
गोरखपुर,भारत में नारी शक्ति सदैव अग्रणी रही है। प्रतिवर्ष 08 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है। यह सिर्फ एक तारीख नहीं, बल्कि नारी शक्ति के संघर्ष, संकल्प और सफलता का उत्सव है। हमारी परंपरा, संस्कृति और चिंतन में नारी का सम्मान रहा है। यह हमारे लिए गौरव की बात है कि पूरी संसार ने महिला सशक्तिकरण को स्वीकार किया मैं नारी शक्ति और उनकी उपलब्धियों का अभिनंदन करता हूं। प्रधानमंत्री मोदी ने हमें विकास के साथ विरासत का सूत्र दिया है। भारत की वैचारिक विरासत नारी सम्मान की रही है। यदि सामाजिक वातावरण में मर्यादा होगी, नारी सम्मान होगा तो अपराध अपने-आप काम हो जाएंगे.भारतीय जीवन शैली में महिलाओं की भूमिका सदैव अग्रणी रही है हम जितने अधिक अवसर बहन-बेटियों को देंगे, सुविधाएं देंगे तो वह समाज को कई गुना लौट कर देंगी। महिला शक्ति से देश नई ऊंचाइयों तक पहुंच सकता है, ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महिलाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है। समय के साथ शिक्षा, तकनीक और अन्य क्षेत्रों में उनकी भूमिका बढ़ रही है। मोदी जी ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल विकास के माध्यम से महिलाओं को प्रोत्साहित करने का आह्वान किया। जिससे महिलाओं की भूमिका न केवल परिवार और समाज के विकास में अग्रणी रहे,अपितु विकसित भारत अभियान में भी उनकी सहभागिता हो। प्रधानमंत्री ने आवास, उज्ज्वल, आयुष्मान, मातृ वंदना, महिला स्वरोजगार, सुकन्या समृद्धि आदि योजनाओं की श्रृंखला से महिलाओं के समग्र विकास को सुनिश्चित किया है। मेरा मानना है कि नारी का गौरव राष्ट्र के सपने पूरे करने में बड़ी भूमिका निभाएगा।महिलाओं के जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय अक्सर समाज, परिवार या परंपराओं के दबाव में तय किए जाते हैं। प्रकृति ने महिलाओं को संवेदनशीलता, धैर्य और सृजन की अद्भुत क्षमता दी है, लेकिन परवरिश और परंपराओं के नाम पर कई बार उनकी स्वतंत्रता सीमित कर दी जाती है। अक्सर उनसे अपेक्षा की जाती है कि वे अपने सपनों, इच्छाओं और भावनाओं को परिवार या समाज की सोच के अनुसार ढाल लें।
महिलाओं को भी अपने जीवन, शिक्षा, करियर और जीवनशैली से जुड़े फैसले लेने की उतनी ही स्वतंत्रता और सम्मान मिलना चाहिए, जितना पुरुषों को मिलता है। जब समाज महिलाओं पर लगी अनावश्यक पाबंदियों को छोड़कर उनकी क्षमता और व्यक्तित्व को खुलकर विकसित होने का अवसर देगा, तभी वास्तव में संतुलित और प्रगतिशील समाज का निर्माण हो सकेगा। महिलाएं केवल घर की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज और देश के विकास की मजबूत शक्ति हैं। उन्हें बराबरी का सम्मान, अवसर और निर्णय लेने की स्वतंत्रता मिलनी चाहिए। वह पाबंदी, जिसमें महिलाओं को सिर्फ पर्दे में रहने और बच्चों को जन्म देने की जिम्मेदारी तक सीमित समझा जाता है, उसे खत्म होना चाहिए। व्यक्ति, परिवार और समाज निर्माण के केंद्र में नारी है इसीलिए प्रधानमंत्री जी ने विकसित भारत निर्माण के लिए महिला स्वावलंबन और सम्मान की बात कही है। यदि नारी मानसिक, बौद्धिक और आर्थिक रूप से सशक्त होगी, समृद्ध होगी, आत्मनिर्भर होगी तभी परिवार, समाज, प्रदेश और राष्ट्र सशक्त बनेगा। आइए, हम सभी अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर नारी को सशक्त बनाने का संकल्प लें। इस संकल्प के क्रियान्वयन से ही अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस का दिन सार्थक होगा।

By Minhajalisiddiquiali

गोरखपुर up53 सीएम सिटी

Leave a Reply

Discover more from Arushan News

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading