ईद की नमाज का समय जारी : ईदगाह व मस्जिदों में तैयारियां तेज

रमजान हमें दीनदार व परहेजगार बनाने के लिए आया : हाफिज रहमत अली

गोरखपुर। ईद का चांद (शव्वाल माह) नजर आने पर 20 या 21 मार्च को ईद-उल-फित्र का त्योहार मुहब्बत, अकीदत व रिवायत के अनुसार मनाया जाएगा। ईद की नमाज के लिए ईदगाहों व मस्जिदों में तैयारियां तेज है। रंग-रोगन हो रहा है। साफ-सफाई जारी है। अधिकतर ईदगाहों व मस्जिदों में ईद की नमाज का समय घोषित हो चुका है। ईदगाह मुसलमानों के दो सबसे बड़े त्योहार ईद-उल-फित्र और ईद-उल-अजहा की खुशी मनाने के लिए है। यहीं पर दो रकात नमाज अदा कर बंदे अल्लाह का शुक्र अदा करते हैं और खुशियां मनाते हैं। कारी मुहम्मद अनस नक्शबंदी ने बताया कि कुरआन-ए-पाक में अल्लाह तआला फरमाता है, रोजों की गिनती पूरी करो और अल्लाह की बड़ाई बोलो कि उसने तुम्हें हिदायत फरमाई। हदीस में है जब पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम मदीने में तशरीफ लाए उस जमाने में अहले मदीना साल में दो दिन खुशी करते थे महरगान व नौरोज। पैगंबर-ए-इस्लाम ने फरमाया यह क्या दिन है? लोगों ने अर्ज किया कि जाहिलियत में हम इन दिनों में खुशी करते थे। पैगंबर-ए-इस्लाम ने फरमाया अल्लाह तआला ने उनके बदले में इनसे बेहतर दो दिन तुम्हें दिए हैं ईद-उल-फित्र व ईद-उल-अजहा।

सोमवार को 26वां रोजा अल्लाह की इबादत में बीता। मस्जिद व घरों में इबादत का दौर जारी है। तरावीह की नमाज पढ़ी जा रही है। एतिकाफ में खूब इबादत हो रही है। कुरआन-ए-पाक की तिलावत जारी है। शबे कद्र में पूरी रात जागकर इबादत हो रही है। शबे कद्र की चौथी (27वीं) ताक रात में लोगों ने खूब इबादत की और रो-रो कर दुआएं मांगीं। ईद की खरीदारी जमकर हो रही है। सब्जपोश हाउस मस्जिद जाफरा बाजार के इमाम हाफिज रहमत अली निजामी ने कहा कि अल्लाह के आखिरी पैगंबर हजरत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने दुनिया को एक अल्लाह की इबादत का संदेश देकर ज़हालत को दूर करने का पैगाम दिया। अल्लाह की इबादत की तीसरी कड़ी रोजा बना। दीन-ए-इस्लाम में होश संभालने से लेकर मरते दम तक अल्लाह के कानून और उसके हुक्मों के मुताबिक जिंदगी गुजारना इबादत है। रोजा अल्लाह के आदेश का पालन करने और अनुशासित जीवन जीने के लिए प्रशिक्षित करता है। रमजान हमें दीनदार व परहेजगार बनाने के लिए आया है।

`🌹🌹🌹🌹अस्सलातु वस्सलामु अलैका या रसूलल्लाह सल्लल्लाहु तआला अलैहि व आलिही वसल्लम : Gorakhpur : 1447 हिजरी/2026 : ईद-उल-फित्र की नमाज का वक्त (सुबह)🌹🌹🌹🌹`

ईद-उल-फित्र की नमाज का समय (सुबह)

1. हुसैनी मस्जिद शाहपुर पादरी बाजार, हुसैनी जामा मस्जिद बड़गो – 7:00 बजे

2. मरकजी नूरी जामा मस्जिद अहमदनगर चक्शा हुसैन, चिश्तिया मस्जिद बक्शीपुर, बिलाल मस्जिद अलहदादपुर, नूर जामा मस्जिद चिलमापुर, मस्जिद जहरा मौलवी चक बड़गो, खपड़े वाली मस्जिद हुसैनाबाद, ताज मस्जिद तारामंडल, कलशे वाली मस्जिद मिर्जापुर, पीर बाबा मस्जिद सेंदुली बेंदुली, दरोगा साहब मस्जिद अफगानहाता – 7:30 बजे

3. बिलाली मस्जिद खूनीपुर, मस्जिद फैजाने इश्के रसूल शहीद अब्दुल्लाह नगर  – 7:45 बजे

4. ईदगाह हजरत मुबारक ख़ां शहीद नार्मल, ईदगाह इमामबाड़ा इस्टेट मियां बाजार (इमाम व खतीब मौलाना रजाउल मुस्तफा अत्तारी मदनी साहब), सुन्नी बहादुरिया जामा मस्जिद रहमतनगर, गाजी मस्जिद गाजी रौजा, फिरदौस जामा मस्जिद जमुनहिया बाग, ईदगाह सेहरा बाले का मैदान बहरामपुर, जामा मस्जिद सुब्हानिया तकिया कवलदह, मस्जिद मुसम्मात नसीबन बीबी (कादरिया मस्जिद) निकट नखास चौक कोतवाली रोड, नूरानी मस्जिद हुमायूंपुर, मुकीम शाह जामा मस्जिद बुलाकीपुर, गुलशने मदीना मस्जिद जेल बाईपास, अक्सा मस्जिद हुमायूंपुर उत्तरी, बिलाल जामा मस्जिद दरिया चक भट्टा रसूलपुर, मस्जिद मियां साहब जुबली फार्म सैनिक विहार नंदानगर, मस्जिद शेख झाऊ साहबगंज, गौसिया जामा मस्जिद छोटे काजीपुर, मस्जिद जलील शाह खूनीपुर जब्हखाना, नूरी मस्जिद तुर्कमानपुर, अशरफी जामा मस्जिद हुमायूंपुर, कादरिया मस्जिद पचपेड़वा गोरखनाथ, ललु ललाई मस्जिद खूनीपुर, मक्का मस्जिद मेवातीपुर, फिरदौस जामा मस्जिद गेहुंआ सागर – 8:00 बजे

5. जामा मस्जिद रसूलपुर, अकबरी जामा मस्जिद अहमदनगर चक्शा हुसैन, झरना टोला मस्जिद – 8:15 बजे

6. ईदगाह पुलिस लाइन, ईदगाह बेनीगंज, जामा मस्जिद उर्दू बाजार, शाही मस्जिद तकिया कवलदह, गौसिया निजामिया मस्जिद बिछिया, मस्जिद जामे नूर बहादुर शाह जफर कॉलोनी बहरामपुर, तामीरुल मसाजिद सूरजकुंड कॉलोनी – 8:30 बजे

7. सब्जपोश हाउस मस्जिद जाफरा बाजार – 8:45 बजे

8. ईदगाह फतेहपुर मेडिकल कॉलेज के सामने, औलिया जामा मस्जिद घोसीपुरवा, मस्जिद औलाद अली निकट डॉ मल्ल हॉस्पिटल बक्शीपुर, उंचवा मस्जिद, मस्जिद फतेहपुर डिहवापुर – 9:00 बजे

9. ईदगाह सेहरा बाले का मैदान बहरामपुर – 9:15 बजे

10. शाही मस्जिद बसंतपुर सराय – 10:00 बजे

11. सुन्नी जामा मस्जिद सौदागार मोहल्ला बसंतपुर – 10:30 बजे

🌹🌹🌹———- `नोट : यहां ईदगाह और कुछ मस्जिदों में ईद की नमाज़ का समय सावधानीपूर्वक जुटाया गया है। फिर भी गलती मुमकिन है। लिहाजा आप अपने पास की ईदगाह व मस्जिद में ईद की नमाज का समय खुद से भी पता कर लें ताकि किसी किस्म की दिक्कत व परेशानी से बच सकें। शुक्रिया। 💐💐आप सभी को ईद-उल-फित्र की मुबारकबाद।`

बूढ़ा व्यक्ति रोजा रखने के बजाए उनका फिदया दे सकता है : उलमा किराम

रमजान हेल्पलाइन नंबर 8604887862, 9598348521, 9956971232, 7860799059 पर सोमवार को सवाल ओ जवाब का सिलसिला जारी रहा।
1. सवाल : क्या बूढ़ा व्यक्ति रोजा रखने के बजाए उनका फिदया दे सकता है?
जवाब : अगर बूढ़ा व्यक्ति इतना कमजोर है कि न अभी रोजा रख सकता है न आने वाले वक्त में ताकत की उम्मीद है तो ऐसा व्यक्ति रोजों के बजाए फिदया दे सकता है।

2. सवाल : बालिग लड़का जिसे अभी दाढ़ी नहीं आई है क्या उसे इमाम बनाया जा सकता है?
जवाब : अगर उसमें इमामत के दीगर शराइत भी पाए जाते हैं तो उसे इमाम बनाने में कोई हर्ज नहीं।

By Minhajalisiddiquiali

गोरखपुर up53 सीएम सिटी

Leave a Reply

Discover more from Arushan News

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading