हज़रत मुबारक ख़ां शहीद का तीन दिवसीय रूहानी उर्स-ए-पाक 15 से : इकरार अहमद

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विकास कार्यों को समर्पित रहेगा उर्स

गोरखपुर। हज़रत मुबारक ख़ां शहीद अलैहिर्रहमा का उर्स-ए-पाक रूहानी उत्सव  होने के साथ-साथ मुहब्बत, अमन व भाईचारे का अनूठा संगम भी है। इस बार का उर्स मुबारक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विकास कार्यों को समर्पित रहेगा सीएम योगी के नेतृत्व में प्रदेश का चहुँओर  विकास हो रहा है। सैकड़ों सालों से यह उर्स-ए-पाक सभी समुदायों को प्रेम और सद्भाव का संदेश देता चला आ रहा है। यह उर्स-ए-पाक हज़रत मुबारक ख़ां शहीद की शिक्षाओं तौहीद, प्रेम, त्याग, मानवता को जीवंत करता है। उर्स-ए-पाक में हिंदू-मुस्लिम सहित सभी समुदायों के लोग बढ़-चढ़कर भाग लेते हैं, जो आपसी एकता की बड़ी मिसाल है। उर्स-ए-पाक में उलमा और धर्मगुरु सूफी संतों के तौहीद, प्रेम, शांति और मानवता के संदेश को फैलाते हैं। दीनी जलसा, चादरपोशी की रस्म, कव्वाली और लंगर का आयोजन सामाजिक भाईचारे को मजबूत करता है। दरगाह की पाक फिज़ाओं में होने वाली ज़िक्र-ओ-सलाम की महफ़िल में जायरीनों को रूहानी सुकून मिलता है।

यह बातें शनिवार को नार्मल स्थित दरगाह हज़रत मुबारक ख़ां शहीद अलैहिर्रहमा कार्यालय पर दरगाह कमेटी के सदर इकरार अहमद ने प्रेसवार्ता के दौरान कही।

उन्होंने कहा कि गंगा-जमुनी तहज़ीब के अलम्बरदार हज़रत मुबारक ख़ां शहीद अलैहिर्रहमा का सालाना उर्स-ए-पाक बुधवार 15 अप्रैल से शुरु होगा। जो शुक्रवार 17 अप्रैल तक जारी रहेगा। उर्स-ए-पाक पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। उर्स-ए-पाक पर भारत व पूरी दुनिया में भाईचारे, विकास व शांति के लिए खुसूसी दुआ होगी। भव्य दीनी जलसा होगा। रवायती मेला लगेगा। मेले में खान-पान व मनोरंजन के सामान मौजूद रहेंगे। देश-प्रदेश से हजारों जायरीन दरगाह पर पहुंचकर मजार शरीफ़ की जियारत करेंगे। उर्स की तैयारियां अंतिम चरण में है। जायरीनों को एक बार फिर उर्स में कव्वाली का जबरदस्त मुकाबला देखने को मिलेगा। जायरीनों की मांग पर लिटिल चैंप अजमत आफताब वारसी व उत्तराखंड के मशहूर कव्वाल इंतेज़ार साबरी 16 अप्रैल को कव्वाली पेश करेंगे। वहीं 17 अप्रैल को अंतर्राष्ट्रीय कव्वाल बदायूं के सैम अली नियाजी व उत्तराखंड के इंतेज़ार साबरी के बीच कव्वाली का मुकाबला होगा। दरगाह कमेटी ने सभी जायरीनों से उर्स-ए-पाक में शिरकत की अपील की है।

उर्स-ए-पाक का कार्यक्रम

बुधवार 15 अप्रैल को रात 9:00 बजे से भव्य जलसे का आयोजन होगा। जिसमें बिहार के मौलाना गुलाम रसूल बलियावी व मध्य प्रदेश के डॉ. रुहुल अमीन अवाम को संबोधित करेंगे। भोर में गुस्ल व संदल पोशी की रस्म अदा की जाएगी।

गुरुवार 16 अप्रैल को फज्र की नमाज के बाद कुरआन ख्वानी होगी। सुबह 9:00 बजे से महफिल-ए-मिलाद व दोपहर 12:15 बजे कुल शरीफ की रस्म अदा की जाएगी। शाम की नमाज (मगरिब) के बाद सरकारी चादर व गागर का पारंपरिक जुलूस मियां बाजार से इरशाद बग्गी वाले के मकान से निकाला जाएगा। जो विभिन्न मार्गों से होता हुआ दरगाह हजरत मुबारक खां शहीद नार्मल पर पहुंचेगा। मजार शरीफ की चादरपोशी‌ की जाएगी। रात की नमाज के बाद कव्वाली का मुकाबला आयोजित होगा।

शुक्रवार 17 अप्रैल को फज्र की नमाज के बाद कुरआन ख्वानी होगी। सुबह 9 बजे से महफिल-ए-मिलाद व आखिरी कुल शरीफ का की रस्म अदा की जाएगी। बाद नमाज जुमा लंगर बांटा जाएगा। देश में खुशहाली, भाईचारे व अमन ओ अमान की दुआ मांगी जाएगी। समापन के मौके पर रात की नमाज (इशा) के बाद कव्वाली का मुकाबला होगा।

By Minhajalisiddiquiali

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