माता-पिता का सम्मान करने वाली औलाद जीवन में सफलता पाती है : अली अहमद

गोरखपुर। जामिया अल इस्लाह एकेडमी नौरंगाबाद, गोरखनाथ में दीनी बाल संगोष्ठी हुई। मुख्य वक्ता वरिष्ठ शिक्षक अली अहमद ने कहा कि माता-पिता का आज्ञाकारी होना दुनिया और आखिरत दोनों में कामयाबी की कुंजी है। यह न केवल अल्लाह की प्रसन्नता का मार्ग है, बल्कि बुढ़ापे में उनकी सेवा करना, प्यार से बात करना और उनकी जरूरतों का ख्याल रखना औलाद का परम कर्तव्य है। जो माता-पिता की आज्ञा मानते हैं, वे जीवन में सुख और बरकत पाते हैं। हमें माता-पिता के सामने ऊंची आवाज में नहीं बोलना चाहिए और उनकी बात ध्यान से सुननी चाहिए। माता-पिता की खुशी में ही अल्लाह की खुशी है। माता-पिता का सम्मान करने वाली औलाद जीवन में सफलता पाती है। माता-पिता को कभी भी ‘उफ्फ’ तक न कहें, यानी उन्हें दुखी न करें। उन्हें डांटना या अपमानित करना बहुत बड़ा गुनाह है।

विशिष्ट वक्ता आसिफ महमूद व मुहम्मद अनस नक्शबंदी ने कहा कि माता-पिता का फरमाबरदार होना किसी भी व्यक्ति के लिए सबसे बड़ी खुशकिस्मती और कामयाबी की निशानी है। जो संतान मां-बाप की सेवा करती है, वह दुनिया और परलोक दोनों में सफल होती है। जो संतान अपने माता-पिता के प्रति सच्ची मुहब्बत रखती है, उसे अल्लाह का आशीर्वाद प्राप्त होता है। माता-पिता ने बचपन में हमारी हर इच्छा पूरी की होती है, इसलिए उनके बुढ़ापे में उनकी शारीरिक, मानसिक और आर्थिक जरूरतों का ख्याल रखना हर संतान का कर्तव्य है। माता-पिता के उपकारों को हमेशा याद रखना चाहिए। अंत में दुरूद ओ सलाम पढ़कर मुल्क में शांति, तरक्की व भाईचारगी की दुआ मांगी गई। संगोष्ठी में आयशा खातून, फरीदा, शीरीन आसिफ, तानिया अख्तर समेत ढ़ेर सारे बच्चे मौजूद रहे।

By Minhajalisiddiquiali

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